न्यूज डेस्क: विदेश यात्रा से लौटने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंत्रियों के साथ लंबी बैठक की।इस बैठक में पीएम मोदी ने मंत्रियों को साफ संदेश दिया कि सरकार के सभी लंबित काम जल्द से जल्द पूरे किए जाएं और कामकाज में तेजी लाई जाए।

बैठक शाम 5 बजे शुरू हुई और देर रात तक चली। इसमें सभी प्रमुख मंत्रालयों के कामकाज की समीक्षा की गई। पीएम मोदी ने अलग-अलग विभागों की प्रगति रिपोर्ट ली और जिन क्षेत्रों में देरी हो रही है, वहां तुरंत सुधार के निर्देश दिए।सूत्रों के मुताबिक, पीएम मोदी ने कहा कि सरकार की योजनाओं का फायदा समय पर जनता तक पहुंचना चाहिए। उन्होंने यह भी साफ किया कि किसी भी स्तर पर ढिलाई स्वीकार नहीं की जाएगी और हर मंत्री को अपने विभाग के कामों की नियमित निगरानी करनी होगी।
9 विभागों का प्रजेंटेशन
सूत्रों के मुताबिक, मंत्री परिषद की बैठक में 9 विभागों ने प्रेजेंटेशन दिया।प्रधानमंत्री ने सभी मंत्रालयों में रिफार्म पर जोर दिया।कृषि, फॉरेस्ट, लेबर, रोड ट्रांसपोर्ट, कॉरपोरेट, विदेश, कॉमर्स, पावर शामिल थे; पीएम मोदी ने कहा कि फाइल जल्दी से चले, फालतू में चक्कर नहीं काटे।कम समय में ज्यादा काम होना चाहिए. हर चीज में सरलता लाएं।रिफार्म पर जोर दिया गया. उन्होंने यह भी कहा कि 2047 विकसित भारत नारा नहीं हमारा कमिटमेंट है।
पीएम नरेंद्र मोदी ने जनहित को सर्वोपरि रखकर काम करने का निर्देश दिया।पीएम मोदी ने मंत्रियों से कहा कि अब समय आगे देखने का है, पीछे मुड़कर यह देखने का नहीं है कि अतीत में क्या काम किए गए हैं।हमारी सरकार 2014 से सत्ता में है, लेकिन अब 2026 है, इसलिए हमें यह देखना होगा कि भविष्य में हम क्या कर सकते हैं. अनावश्यक विवादों में न उलझें और अपने काम पर ध्यान केंद्रित करें।
इस मीटिंग का खास महत्व रहा है:-
यह बैठक ऐसे समय पर हुई है जब वैश्विक स्तर पर आर्थिक अनिश्चितता बढ़ रही है।पश्चिम एशिया में जारी तनाव के कारण कच्चे तेल की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर पहुंच गई हैं।इसका सीधा असर भारत पर पड़ने की आशंका जताई जा रही है, क्योंकि देश अपनी करीब 85% तेल जरूरत आयात से पूरी करता है।तेल की कीमतों में बढ़ोतरी से देश में महंगाई बढ़ने का खतरा भी बताया जा रहा है. इससे पेट्रोल-डीजल के दाम, ट्रांसपोर्ट खर्च और रोजमर्रा की चीजों की कीमतों पर असर पड़ सकता है।
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