न्यूज डेस्क: यह बड़ी ख़बर है। यह चिंतित करने वाली ख़बर भी है।दुनियाभर में हंता वायरस (Hantavirus) के बढ़ते मामलों ने स्वास्थ्य विशेषज्ञों की चिंता बढ़ा दी है। डच क्रूज शिप ‘एमवी होंडियस’ पर ये वायरस फैलने के बाद अब भारत सरकार का केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय भी अलर्ट मोड पर आ गया है। आवश्यक निर्देश जारी किए गए हैं।
भारत सरकार का स्वास्थ्य मंत्रालय नेशनल सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल (NCDC) और वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गनाइजेशन (WHO) के साथ मिलकर स्थिति की बारीकी से निगरानी कर रहा है।
मालूम हो कि हाल ही में सार्वजनिक स्वास्थ्य तैयारियों का जायजा लेने के लिए एक हाई-लेवल मीटिंग भी बुलाई गई। इस बैठक में एकीकृत रोग निगरानी कार्यक्रम (IDSP) के बड़े अधिकारियों ने हिस्सा लिया। बताया जा रहा है कि क्रूज शिप पर 2 भारतीय भी सवार हैं, जिन्हें फिलहाल प्रोटोकॉल के तहत निगरानी में रखा गया है। राहत की बात यह है कि उनमें अभी तक कोई लक्षण नहीं दिखे हैं।
क्या है हंता वायरस? कितना है खतरनाक
हंता वायरस मुख्य रूप से रोडेंट्स (कुतरने वाले जानवर जैसे चूहे और गिलहरी) के जरिए फैलता है। WHO के मुताबिक, इसकी 20 से ज्यादा प्रजातियां हैं। यह वायरस इंसानों में दो गंभीर बीमारियां पैदा कर सकता है।
हंता वायरस पल्मोनरी सिंड्रोम (HPS): इसकी शुरुआत थकान, बुखार और मांसपेशियों में दर्द से होती है। बाद में यह फेफड़ों को प्रभावित करता है, जिससे सांस लेने में भारी तकलीफ होती है।
हेमोरेजिक फीवर विद रीनल सिंड्रोम (HFRS): यह किडनी पर सीधा प्रहार करता है। इसमें लो ब्लड प्रेशर, इंटरनल ब्लीडिंग और किडनी फेल होने का खतरा रहता है।
जानिए कैसे फैलता है हंता वायरस?
हंता वायरस का संक्रमण चूहों के मल, मूत्र या लार के संपर्क में आने से होता है। जब इनके सूखने के बाद बारीक कण हवा में घुलते हैं, तो सांस के जरिए ये इंसान के शरीर में प्रवेश कर सकते हैं। इसके अलावा ये संक्रमित सतह को छूने और फिर चेहरे पर हाथ लगाने से, संक्रमित चूहे के काटने से और पीड़ित व्यक्ति के साथ लंबे समय तक नजदीकी संपर्क में रहने से भी फैल सकता है।
अब तक की स्थिति और बचाव
अब तक इस वायरस के 8 संदिग्ध मामले सामने आए हैं, जिनमें से 5 की पुष्टि हो चुकी है और 3 लोगों की मौत हो चुकी है। विशेषज्ञों का कहना है कि हंता वायरस का कोई इलाज या टीका उपलब्ध नहीं है, लेकिन शुरुआती पहचान और अस्पताल में सही देखभाल से जान बचाई जा सकती है। स्वास्थ्य मंत्रालय ने नागरिकों को सलाह दी है कि वे चूहों से दूरी बनाएं और साफ-सफाई का खास ध्यान रखें। भारत में विशेष सतर्कता की जरूरत है।
Corona की तरह खतरनाक स्थिति नहीं है। लॉक डाउन लगाने जैसी स्थिति फिलहाल नहीं है। यह उतना खतरनाक भी नहीं है। पर संक्रमण के प्रभाव पर निर्भर करता है।
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