न्यूज डेस्क: यह स्वास्थ्य से जुड़ी महत्वपूर्ण समाचार है। इस पर गौर करने की जरूरत है। जीवन कुदरत का तोहफा है। इसकी देखभाल जरूरी है।
राज अस्पताल ने विश्व उच्च रक्तचाप (हाइपरटेंशन) दिवस पर उच्च रक्तचाप की बढ़ती समस्या तथा समय पर पहचान, रोकथाम और जीवनशैली सुधार के महत्व पर जोर देते हुए एक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया। राज अस्पताल के कार्डियोलॉजिस्ट एवं HOD — डॉ. राजेश कुमार झा (MD, DM (कार्डियोलॉजी), AFESC (Europe) ने बताया कि उच्च रक्तचाप अक्सर किसी स्पष्ट लक्षण के बिना मौजूद रहता है और अज्ञानता में यह स्ट्रोक, हृदयाघात या गुर्दे की बीमारी जैसी गंभीर जटिलताओं का कारण बन सकता है।
आगे उन्होने कहा कि शहरी आबादी का आधा से अधिक हिस्सा संभवतः बिना जानकारी के उच्च रक्तचाप से प्रभावित हो सकता है, इसलिए नियमित स्क्रीनिंग और जागरूकता अत्यंत आवश्यक हैं। उन्होंने बताया कि समय पर उच्च रक्तचाप का उपचार तभी प्रभावी हो सकता हैं जब लोग इसके जोखिमों को समझेंगे और दैनिक जीवन में निवारक कदम उठाएंगे। उच्च रक्तचाप को अक्सर ‘मौन रोग’ कहा जाता है।क्योंकि, यह लंबे समय तक बिना पता चले रह सकता है और बाद में गंभीर बीमारी का कारण बन सकता है ।
इसके रोकथाम पर बोलते हुए, डॉ. राजेश कुमार झा ने बताया कि शारीरिक गतिविधि—विशेषकर नियमित पैदल चलना—को उच्च रक्तचाप के जोखिम को कम करने का सरल और प्रभावी उपाय बताया। उन्होंने सभी को अगर संभव हो तो प्रतिदिन 4–5 किलोमीटर चलने की सलाह दी है तथा विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) द्वारा सुझाए कम-से-कम सप्ताह में150 मिनट की शारीरिक गतिविधि (पैदल चलना और हल्की दौड़ सहित) का पालन करने का आग्रह किया। WHO के अनुसार स्वस्थ आहार, शारीरिक सक्रियता, तम्बाकू का त्याग, शराब की मात्रा में कमी और नियमित रूप से रक्तचाप जांच कराना भी उच्च रक्तचाप की रोकथाम और नियंत्रण के महत्वपूर्ण कदम हैं।
उन्होने यह भी कहा कि रोकथाम सबसे अच्छा उपचार है — यदि उच्च रक्तचाप समय से पहले ही नियंत्रित किया जा सके तो भविष्य में जानलेवा जटिलताओं का खतरा कम हो जाता है। राज अस्पताल, रांची सामुदायिक स्तर पर बेहतर जीवनशैली को बढ़ावा देने, सार्वजनिक स्वास्थ्य जागरूकता फैलाने और हृदय रोगों की समय पर पहचान व रोकथाम के लिए प्रतिबद्ध है।
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