*कांग्रेस पार्टी चुनाव में बड़े पैमाने पर वोट खरीदने के लिए पैसे का कर रही दुरुपयोग, जानिए कहां का है मामला है*

रांची – झारखंड भाजपा मुख्यालय में छत्तीसगढ़ की बघेल सरकार में हुए महादेव बेटिंग ऐप स्कैंडल पर प्रदेश भाजपा ने कांग्रेस पार्टी को कटघरे में खड़ा किया. कांग्रेस के कई सवाल भी पूछे गए हैं.
रांची के हरमू स्थित मुख्यालय में प्रदेश महामंत्री प्रदीप वर्मा ने कहा कि भाजपा आरंभ से कहती आ रही है कि महादेव बेटिंग ऐप स्कैंडल को बघेल सरकार का संरक्षण और समर्थन प्राप्त था.यही कारण रहा है कि इसकी आज तक जांच नहीं हुई.
प्रदेश महामंत्री प्रदीप वर्मा ने कहा कि ईडी की जांच से यह खुलासा हो गया है कि कांग्रेस की बघेल सरकार का साइड बिजनेस ही बेटिंग था.
उन्होंने कहा कि भूपेश बघेल ने सत्ता में रहकर सट्टा का बड़ा खेल खेला है.कांग्रेस पार्टी बड़े पैमाने पर वोट को खरीदने केलिए अवैध राशि का दुरुपयोग कर रही.कांग्रेस का लोकतंत्र को कलंकित करने का पुराना इतिहास रहा है. यह अभी भी जारी है.
उन्होंने कहा कि ईडी की जांच में भूपेश बघेल के खिलाफ चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं. ईडी जांच में यह बात सामने आई कि बेटिंग ऐप के प्रमोटर्स ने भूपेश बघेल को अबतक 508 करोड़ रुपए के भुगतान किए हैं. ईडी ने कांग्रेस पार्टी के चुनावी खर्च के लिए बड़ी मात्रा में नकदी पहुंचाने केलिए खास तौर पर संयुक्त अरब अमीरात से भेजे गए एक कैश कूरियर असीम दास को डिटेन किया है.
ईडी ने असीम दास की कार और आवास से 5.39 करोड़ रुपए की नकद राशि बरामद की.इस संबंध में गिरफ्तार असीम दास ने स्वीकार किया कि जब्त की गई राशि महादेव ऐप के प्रमोटरों के द्वारा छत्तीसगढ़ में होने वाले विधानसभा चुनाव खर्चों केलिए एक राजनेता बघेल को देने की व्यवस्था की गई थी.प्रदीप वर्मा ने इस सट्टेबाजी सिंडिकेट के कहा कि प्रमोटर्स विदेश में बैठे हैं और अपने दोस्तों,सहयोगियों की मदद से भारत भर में हजारों पैनल चला रहे हैं.ये खासकर छत्तीसगढ़ से हैं और उन्होंने इससे हजारों करोड़ रुपए कमाए हैं.
प्रेस वार्ता में भाजपा ने कांग्रेस को सवाल पूछे कि.. क्या यह सत्य है कि छत्तीसगढ़ में कांग्रेस नेताओं को शुभम सोनी के माध्यम से असीम दास पैसा पहुंचाते थे .यह भी पूछा गया कि असीम दास को एक वाइस मैसेज के माध्यम से ये आदेश दिया गया कि वो रायपुर जाएं और भूपेश बघेल को चुनाव खर्च केलिए पैसा दें.
यह भी सवाल पूछा गया कि 2 नवंबर को होटल टाइटन में असीम दास से पैसे बरामद हुए हैं.क्या यह सत्य है कि अलग-अलग बैंकों के खातों से 15 करोड़ रुपए प्रिवेंशन ऑफ मनी लांड्रिंग एक्ट के तहत फ्रीज किया गया है .क्या यह सत्य है कि असीम दास नामक एक व्यक्ति से 5.30 करोड़ रुपए से ज्यादा राशि बरामद हुआ है.प्रदीप वर्मा ने आगे कहा कि असीम दास से ईडी की हुई पूछताछ और उसके पास से बरामद फोन की फोरेंसिक जांच से महादेव नेटवर्क के उच्च पदस्थ आरोपियों में से एक शुभम सोनी,चंद्रभूषण वर्मा द्वारा भेजे गए ईमेल की जांच से भी चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं. ईडी ने पहले ही कहा था कि महादेव ऐप के जरिए एकत्र धनराशि रिश्वत के रूप में छत्तीसगढ़ में नेताओं और नौकरशाहों के बीच बांटी गई थी. ईडी इस संबंध में पहले भी ऑनलाइन सट्टेबाजी और भुगतान के तरीकों की जानकारी केलिए कई मशहूर हस्तियों और बॉलीवुड अभिनेताओं को पूछताछ केलिए बुलाया था.
*झारखंड के संदर्भ में*
प्रदीप वर्मा ने कहा कि झारखंड में भी ईडी की कार्रवाई में सत्ताधारी गठबंधन जिसमे कांग्रेस भी भागीदार है के हजारों करोड़ के भ्रष्टाचार के मामले उजागर हुए हैं.उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचारियों को जेल जाने से कोई रोक नहीं सकता. प्रदीप वर्मा ने यह भी कहा कि यह तंत्र के लिए बहुत ही गलत है कि इस प्रकार से पैसों के माध्यम से वोट खरीद कर सत्ता पाने की साजिश हो रही है. छत्तीसगढ़ की जनता सब कुछ देख रही है और समझ रही है.













