न्यूज डेस्क: गुरुजी यानी दिशोम गुरु यानी शिबू सोरेन को देश का एक बड़ा नागरिक सम्मान मिला है। भारत सरकार ने उन्हें पदम् भूषण से सम्मानित किया है। आज यानी 23 जून को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने दिवंगत शिबू सोरेन को यह सम्मान दिया जिसे उनकी धर्मपत्नी रूपी सोरेन ने ग्रहण किया।
अलग राज्य आंदोलन के सबसे बड़े नेता शिबू सोरेन का निधन पिछले साल 4 अगस्त,2025 में हुआ। वे 81 साल के थे।
झारखंड आंदोलन के प्रमुख नेता, झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) के संस्थापक और पूर्व मुख्यमंत्री शिबू सोरेन को वर्ष 2026 में मरणोपरांत पद्म भूषण से सम्मानित किया गया। वे झारखंड के तीन बार मुख्यमंत्री रहे। केंद्र सरकार में मंत्री भी रहे। राष्ट्रपति Droupadi Murmu ने आज राष्ट्रपति भवन में आयोजित नागरिक अलंकरण समारोह में यह सम्मान प्रदान किया। उनकी धर्मपत्नी रूपी सोरेन ने इसे ग्रहण किया। इस दौरान कल्पना सोरेन और परिवार के अन्य सदस्य भी मौजूद थे।
उन्हें यह सम्मान पब्लिक अफेयर्स (लोक मामलों) के क्षेत्र में आदिवासी अधिकारों, सामाजिक न्याय और झारखंड राज्य आंदोलन में उनके दीर्घकालीन योगदान के लिए दिया गया।
शिबू सोरेन को झारखंड में “दिशोम गुरु” के नाम से जाना जाता है। वे झारखंड आंदोलन के सबसे प्रभावशाली नेताओं में रहे और कई बार मुख्यमंत्री, सांसद तथा केंद्रीय मंत्री के रूप में भी सेवा दी।
गुरू का बड़ा सम्मान रहा है। अलग राज्य आंदोलन में उनकी बड़ी भूमिका रही है।महाजनी प्रथा के खिलाफ उन्होंने आमलोगों के साथ आंदोलन किया। नशाखोरी के खिलाफ उन्होंने आंदोलन किया।वे एक बड़े समाज सुधारक भी थे।
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