न्यूज डेस्क: समय बड़ा बलवान होता है। यह भी जाता है कि ऊपर वाले की लाठी में आवाज़ नहीं होतीपर दर्द बहुत होता है। यही हाल तृणमूल कांग्रेस का है। ममता बनर्जी ने अपने पंद्रह साल के कार्यकाल में बहुत ऐसे काम किए जो नहीं करने चाहिए थे। आज यह स्थिति है कि जिनको वो अपना साया समझती थीं वह भी साथ छोड़ जा रहा है।
हम देख रहे हैं कि पश्चिम बंगाल में चुनावी हार के बाद तृणमूल कांग्रेस बिखर गई है। इसके 60 से ज्यादा विधायकों के बाद टीएमसी के सांसदों ने भी बगावत कर दी है। वे भाग रहे हैं।इस बीच टीएमसी के उन 19 सांसदों की सूची सामने आ गई है, जिन्होंने बगावत की है।
इस सूची में युसुफ पठान, शत्रुघ्न सिन्हा और सयोनी घोष का नाम भी शामिल है।हालांकि, बगावत करने वाले नेताओं का दावा था कि 20 से ज्यादा सांसद हैं। परंतु ,अभी जो लिस्ट सामने आई है, उसमें 19 सांसदों के नाम है। उनके बारे में जानिए।
जानिए 19 बागी सांसदों के बारे में:–
काकोली घोष (बारासात)
जगदीश चंद्र बसुनिया (कूचबिहार)
खली उर रहमान (जंगीपुर)
यूसुफ पठान, (बेहरामपुर)
अबू ताहिर खान, (मुर्शिदाबाद)
पार्थ भौमिक (बैरकपुर)
बापी हलधर (मथुरापुर)
सयोनी घोष (जादवपुर)
माला रॉय (कोलकाता दक्षिण)
मिताली बाग (आरामबाग)
दीपक अधिकारी (घाटल)
कालीपद सोरेन (झालग्राम)
जून मालिया (मेदिनीपुर)
अरूप चक्रवर्ती (बांकुड़ा)
डॉ. शर्मिला सरकार (वर्धमान पूर्व)
शत्रुघ्न सिन्हा (आसनसोल)
असित कुमार मल (बोलपुर)
शताब्दी रॉय (बीरभूम)
रचना बनर्जी (हुगली)
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ममता की प्रिय सयोनी घोष का नाम
बागियों की सूची में सबसे हैरान करने वाला नाम सयोनी घोष का है। बंगाल चुनाव में प्रचार के दौरान सयोनी घोष सबसे ज्यादा चर्चा में रही थीं।वह जिस तरह से रैलियों में भाषण दे रही थीं, उससे उन्हें ममता बनर्जी का विकल्प भी माना जाने लगा था। पर अब यह स्थिति है।
आप शायद जानते भी होंगे कि सयोनी घोष जाधवपुर लोकसभा से सांसद हैं। 2021 में उन्होंने तृणमूल कांग्रेस जॉइन की थी। 2021 में वह विधानसभा चुनाव हार गई थीं, लेकिन इसके बावजूद अभिषेक बनर्जी ने उन्हें टीएमसी की यूथ विंग का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाया था.
पूर्व क्रिकेटर यूसुफ पठान और शत्रुघ्न भी हुए बागी
पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के खिलाफ बगावत करने वाले सांसदों में यूसुफ पठान और शत्रुघ्न सिन्हा का नाम भी है। युसुफ पठान बेहरामपुर तो शत्रुघ्न सिन्हा आसनसोल से लोकसभा सांसद हैं।
हम जानते हैं कि शत्रुघ्न सिन्हा कभी बीजेपी में हुआ करते थे, फिर कांग्रेस में आए और उसके बाद मार्च 2022 में टीएमसी में शामिल हो गए।2022 में आसनसोल के उपचुनाव में टीएमसी ने उन्हें टिकट दिया था। इसके बाद 2024 में शत्रुघ्न सिन्हा ने दूसरी बार आसनसोल से लोकसभा चुनाव जीता।
पूर्व क्रिकेटर यूसुफ पठान ने अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत टीएमसी से ही की।2024 के लोकसभा चुनाव में टीएमसी ने उन्हें बेहरामपुर से टिकट दिया था, जहां से उन्होंने कांग्रेस के कद्दावर नेता अधीर रंजन चौधरी को 85 हजार से ज्यादा वोटों के अंतर से हराया था।
काकोली घोष हैं बागियों की नेता
10 से ज्यादा बागी सांसदों ने कुछ दिन पहले बीजेपी नेता भूपेंद्र यादव से मुलाकात की थी।इस मीटिंग में पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी भी थे।
आगे लगभग 20 बागी सांसदों ने लोकसभा स्पीकर ओम बिरला को पत्र लिखकर एनडीए को समर्थन देने की बात कही थी. साथ ही बागियों ने अलग गुट बनाने का भी दावा किया है। बागी सांसदों ने काकोली घोष दस्तीदार को अपना नेता चुना है
काकोली घोष का कहना था कि वह ममता बनर्जी के साथ तब भी थीं, जब वह सत्ता में नहीं थीं. उन्होंने कहा कि पहले की नीतियां बंगाल के गरीब लोगों के भले के लिए थी लेकिन पिछले 3-4 सालों से उम्मीद के मुताबिक काम नहीं हो रहा था। यानी तृणमूल कांग्रेस बिखर रहा है।
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