न्यूज डेस्क: यह बड़ी ख़बर है।दुमका स्थित एमपी एमएलए की विशेष अदालत में सोमवार को प्रदीप यादव, रणधीर सिंह समेत सभी आरोपी न्यायालय में उपस्थित हुए। मामले की सुनवाई विशेष न्यायाधीश सह एसडीजेएम मोहित चौधरी की अदालत में हुई।

धारा 225 के तहत सजा
अदालत ने सुनवाई के बाद प्रदीप यादव को भारतीय दंड संहिता की धारा 225 के तहत एक वर्ष की सजा सुनाई. वहीं, साक्ष्य के अभाव में अन्य सभी आरोपियों को बरी कर दिया गया.
जमानत आवेदन स्वीकार
प्रदीप यादव के अधिवक्ता शंकर बसई वाला ने अदालत में प्रोविजनल जमानत का आवेदन दिया, जिसे न्यायालय ने 10, 10 हजार रुपये के दो मुचलकों पर एक माह के लिए स्वीकार कर लिया।
अभियोजन पक्ष ने पेश किए गवाह
इस मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से कुल 6 गवाहों को न्यायालय में प्रस्तुत किया गया, जिनके आधार पर सुनवाई पूरी की गई।
2010 के सड़क जाम से जुड़ा मामला
यह मामला 15 सितंबर 2010 का है, जब देवघर में सूखाग्रस्त क्षेत्र घोषित करने की मांग को लेकर तत्कालीन झाविमो पार्टी के विधायक प्रदीप यादव और रणधीर सिंह के नेतृत्व में सड़क जाम किया गया था।
जनता को हुई थी भारी परेशानी
सड़क जाम के कारण आम लोगों को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा था, जिससे प्रशासनिक व्यवस्था भी प्रभावित हुई थी।
लोक संपत्ति अधिनियम के तहत केस दर्ज
घटना के बाद तत्कालीन दंडाधिकारी सह श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी सुधीर कुमार मोदी ने लोक संपत्ति अधिनियम के तहत 12 नामजद और करीब 200 अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई थी।
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