रांची: झारखंड के पारा शिक्षकों के लिए एक महत्वपूर्ण फैसला हाई कोर्ट ने दिया है, जानिए क्या है ? न्यूज डेस्क
झारखंड में पारा शिक्षकों के लिए एक महत्वपूर्ण फैसला है जिसमें यह कहा गया है कि उनकी सेवा बेकार नहीं जाएगी। हाई कोर्ट ने पेंशन के संबंध में यह महत्वपूर्ण फैसला दिया है। पांच सेवानिवृत्ति इंटरमीडिएट प्रशिक्षित शिक्षकों की याचिका पर या फैसला आया है। 
झारखंड हाई कोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसला 12 शिक्षकों के संबंध में दिया है।पारा शिक्षकों के अधिवक्ता मनोज टंडन ने बताया कि नियमित रूप से नियुक्त शिक्षक की पेंशन की गणना में पारा शिक्षक के दौरान कार्यकाल को भी जोड़ा जाएगा।उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट का फैसला है कि संविदा पर काम करने वाले अगर नियमित हो जाते हैं तो उनकी पेंशन में अगर 10 साल की न्यूनतम सेवा अगर पूरी नहीं होती है तो पारा शिक्षक के रूप में कार्यकाल को भी जोड़ा जाएगा।
पांच सेवानिवृत्ति इंटरमीडिएट प्रशिक्षित शिक्षकों ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर नियमित पेंशन की मांग की थी। हाई कोर्ट ने इस पर सहमति जताई और उनके पक्ष में फैसला दिया है। कोर्ट ने यह भी कहा है की सेवानिवृत्ति की तारीख से 6% वार्षिक ब्याज भी इन्हें दिया जाना चाहिए।राज्य में करीब 5000 शिक्षकों को हाई कोर्ट से यह बड़ी राहत मिली है।हम आपको बता दें कि झारखंड में शिक्षकों की नियमित नियुक्ति में पारा शिक्षकों के लिए 50% पद आरक्षित हैं यह भी यहां बताना जरूरी है कि राज्य में 12000 सहायक आचार्य यानी शिक्षक की नियुक्ति में 7500 पारा शिक्षक हैं।
#PARATeachers #JharkhandHC #Education













