रांची- झारखंड में नेतृत्व परिवर्तन हो गया है.झारखंड मुक्ति मोर्चा के नेता और संयुक्त गठबंधन विधायक दल के नेता चंपई सोरेन ने मुख्यमंत्री पद संभाल लिया है.राज्यपाल सी पी राधाकृष्ण ने उन्हें पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई.उनके अलावा कांग्रेस कोटे से आलमगीर आलम और राजद कोटे से सत्यानंद भोक्ता मंत्री बनाए गए हैं.
शपथ ग्रहण करने के बाद मुख्यमंत्री चंपई सोरेन प्रोजेक्ट भवन गए वहां पर कैबिनेट की बैठक हुई.इस सरकार की यह पहली बैठक थी जिसमें 3 प्रस्ताव पारित किए गए.झारखंड विधानसभा का विशेष सत्र 5 फरवरी को आहत किया गया है.यह दो दिन का सत्र होगा.5 फरवरी को नई सरकार सदन में अपना बहुमत साबित करेगी.
इधर शपथ ग्रहण हो रहा था और उधर सत्तारूढ़ दल के विधायक चार्टर प्लेन से हैदराबाद के लिए निकल रहे थे.यह सुनकर निश्चित रूप से किसी को भी आश्चर्य होगा कि जिसकी सरकार है जिसका प्रशासन है,उनके विधायक यहां से हैदराबाद जा रहे हैं और कब आएंगे.यह भी तय है जिस दिन विधानसभा का विशेष सत्र शुरू होगा यानी 5 फरवरी को चार्टर प्लेन से सभी विधायक वापस आएंगे.चार्टर प्लेन से 35 विधायक जिसमें झारखंड मुक्ति मोर्चा और कांग्रेस के विधायक शामिल हैं, हैदराबाद गए हैं.
सत्तारूढ़ दल के विधायकों का कहना है कि किसी दूसरे दल की बुरी नजर उनकी एकजुट पर नहीं पड़े इसके लिए वे लोग जा रहे हैं वैसे गुरुवार की रात में ही सभी विधायक रांची एयरपोर्ट पहुंच गए थे.हैदराबाद जाना था.लेकिन मौसम ने साथ नहीं दिया.कम विजिबिलिटी की वजह से चार्टर प्लेन टेक ऑफ नहीं कर पाया. उल्टे भाजपा पर आरोप लगाया है कि जानबूझकर उनके चार्टर प्लेन को उड़ान भरने नहीं दिया गया जबकि मौसम एकदम खराब था कई फ्लाइट रद्द कर दिए गए थे.
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी ने नवनियुक्त मुख्यमंत्री चंपई सोरेन को बधाई देते हुए उनसे अपेक्षा की है कि जितने भी भ्रष्टाचार हुए हैं.उनकी जांच कराई जानी चाहिए.इसके अलावा जो भी समय बचा है, उसमें झारखंड के हित में काम करें.बाबूलाल मरांडी ने यह साफ किया कि झारखंड में किसी प्रकार से सत्ता पक्ष के विधायकों को तोड़ने का प्रयास नहीं किया गया है और ना ही आगे कर किया जाएगा.उन्होंने यह कहा कि कांग्रेस या झामुमो ऐसी पार्टियां हैं जिन्हें अपने विधायकों पर भरोसा नहीं.
झारखंड बीजेपी के महामंत्री प्रदीप वर्मा ने कहा कि झारखंड मुक्ति मोर्चा और कांग्रेस के विधायक अपने आप को कुंठित महसूस करते हैं क्योंकि पिछली हेमंत सरकार में काम कुछ नहीं हुआ ,युवाओं को ठगा गया, किसान परेशान हैं.विधि व्यवस्था खराब है.इन तमाम वजह से क्षेत्र की जनता काफी निराश और गुस्से में है.इसलिए पार्टी के नेताओं को लगता है कि ये कहीं भाग ना जाए. प्रदीप वर्मा ने यह भी कहा कि झारखंड मुक्ति मोर्चा और कांग्रेस को अपने विधायकों पर भरोसा नहीं है और इल्जाम भाजपा पर लगते हैं.
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