रांची- रांची लोकसभा क्षेत्र में विकास का क्या काम हुआ है, इसको लेकर इस क्षेत्र के मतदाता बड़े जागरूक दिख रहे हैं. बहुत सारे मतदाताओं का विचार यह है कि इस लोकसभा क्षेत्र में विकास के काम तो हुए हैं लेकिन राजधानी होने की वजह से इस पर केंद्र हो या फिर राज्य सरकार सभी का ध्यान रहता है.मालूम हो कि रांची लोकसभा क्षेत्र एक बहुत बड़ा क्षेत्र है और इस क्षेत्र में चांडिल जैसे क्षेत्र भी आते हैं.जाहिर सी बात है कि सभी क्षेत्रों का एक औसत विकास होना चाहिए था.ग्रामीण क्षेत्र के मतदाताओं में बहुत उत्साह नहीं दिख रहा है.इसलिए पार्टी आम जनता से फीडबैक अलग-अलग तरीके से ले रही है और यह विचार कर रही है कि लोकसभा चुनाव में प्रत्याशी कौन होगा.इस पर विचार किया जाएगा.वैसे फिलहाल संजय सेठ यहां से सांसद हैं.2019 में उन्हें टिकट मिला था.रामटहल चौधरी को हटाकर संजय सेठ को टिकट दिया गया. पार्टी के प्रदेश इकाई विभिन्न माध्यमों से मिले फीडबैक के आधार पर यह मूल्यांकन कर रही है कि संजय सेठ का परफॉर्मेंस कैसा रहा है.
रांची लोकसभा क्षेत्र से कई नाम चर्चा में बने हुए हैं.वर्तमान में संजय सेठ तो हैं ही.इसके अलावे रांची सदर के विधायक सी पी सिंह के नाम की भी चर्चा है.इसके अतिरिक्त एक प्रमुख नाम प्रदीप वर्मा का चल रहा है.प्रदीप वर्मा पार्टी के अंदर काफी लोकप्रिय रहे हैं.प्रदीप वर्मा मुख्यालय प्रभारी भी हैं.महामंत्री का दायित्व तो निभा ही रहे हैं. प्रदीप वर्मा के प्रति पार्टी के लोगों का विचार है कि अगर उन्हें रांची लोकसभा क्षेत्र से टिकट मिलता है तो वे आसानी से जीत सकते हैं. संगठन के कई लोगों का कहना है कि ऐसे व्यक्ति को प्रत्याशी बनाया जाना चाहिए जिन्हें पार्टी के कार्यकर्ता भी पसंद करते हों.सिर्फ झूठा आश्वासन देखकर लोगों को बरगलाने वाले प्रत्याशी से पार्टी को नुकसान हो सकता है.इसलिए पार्टी को प्रत्याशी चयन में बहुत ही सोच समझकर निर्णय लेना होगा. झारखंड में भाजपा विरोधी गठबंधन की सरकार है.ऐसे में अच्छी छवि वाले प्रत्याशी की जरूरत है.पार्टी के कई प्रमुख नेताओं ने नाम नहीं छापने की शर्त पर बताया कि इस इन सब बिंदुओं पर पार्टी विचार जरूर करेगी.
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