भोपाल- मध्य प्रदेश में भाजपा की सरकार बनने जा रही है.उसे जबरदस्त बहुमत मिला है.लेकिन शिवराज सिंह चौहान मुख्यमंत्री नहीं बनेंगे.भाजपा ने एक बड़ा निर्णय लेते हुए ऐसा कार्ड खेला है जो ना सिर्फ मध्य प्रदेश बल्कि दूसरे राज्यों में भी जातीय समीकरण को साधने का काम करेगा.उज्जैन दक्षिण से विधायक चुने गए मोहन यादव को भाजपा विधायक दल का नेता चुन लिया गया है.
सोमवार को भोपाल में आयोजित विधायक दल की बैठक में अचानक यह नाम आया और सभी को चौंका दिया.शिवराज सिंह चौहान को संभवतः यह संदेश दे दिया गया था कि वह अब और राज्य के मुख्यमंत्री नहीं बनेंगे.उनके लिए पार्टी कुछ अलग सोच रही है.मोहन यादव का नाम शिवराज सिंह चौहान से प्रस्तावित करवाया गया जिसका समर्थन सभी ने किया.मोहन यादव को भी शायद यह इल्म नहीं रहा होगा कि वह मध्य प्रदेश जैसे बड़े राज्य के मुख्यमंत्री बनने जा रहे हैं नरेंद्र सिंह तोमर को विधानसभा अध्यक्ष बनने पर सहमति बनी जबकि उनके नाम की चर्चा मुख्यमंत्री के पद के लिए हो रही थी मध्यप्रदेश में दो उपमुख्यमंत्री भी होंगे भाजपा के इस निर्णय से यादव समाज में एक बड़ा संदेश जाएगा पार्टी के नेताओं का कहना है कि यादव जाति के कथित ठेकेदारों के लिए यह एक बड़ा संदेश है कि भाजपा भी ओबीसी में यादव जाति को पसंद करती है मध्य प्रदेश की इस निर्णय से बिहार उत्तर प्रदेश हरियाणा जैसे राज्यों के यादव ऑन पर निश्चित रूप से प्रभाव पड़ेगा एक तो ओबीसी की जगह ओबीसी मुख्यमंत्री हो गया और उसे पर भी एक ऐसा व्यक्ति जिसके नाम की चर्चा नहीं थी.उसे पार्टी मुख्यमंत्री बना रही है.यह पार्टी के नेता और कार्यकर्ताओं के लिए बड़ा संदेश है कि भाजपा नेतृत्व कभी भी कोई ऐसा निर्णय लेकर एक सामान्य कार्यकर्ता को भी मुख्यमंत्री बना सकती है.
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