रांची – झारखंड विधानसभा का विशेष सत्र शुरू हो गया है उल्लेखनीय है कि इस विशेष सत्र में मुख्यमंत्री चंपई सोरेन को फ्लोर टेस्ट देना है.उन्हें अपना बहुमत साबित करना है.दो दिवसीय इस विशेष सत्र को आहत किया गया है.5 और 6 फरवरी को बहुमत के प्रस्ताव पर चर्चा होगी. इसमें पक्ष और विपक्ष के विधायकों को समय आवंटित किया जाएगा.विधानसभा अध्यक्ष समय आवंटित करेंगे.उसी आधार पर चर्चा होगी.
भाजपा ने अपने विधायकों के लिए व्हीप जारी किया है.सभी विधायक सदन में अनिवार्य रूप से मौजूद रहेंगे. राज्य की चंपई सोरेन सरकार ने दावा किया है कि उसके पास 47 विधायकों का समर्थन है अगर यह सही रहा तो फिर सरकार को किसी संकट का सामना नहीं करना पड़ेगा.उधर भाजपा का कहना है कि सत्ता पक्ष के विधायक आपस में ही अंतर्विरोध के शिकार हैं.इसलिए सरकार का कुछ भी हो सकता है.भाजपा कुछ करना नहीं चाहती है लेकिन अंतर्विरोध के कारण अगर चंपई सरकार संकट में आती है तो वह आंख मूंद कर नहीं रहेगी.
पूर्व मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को भी विधानसभा के विशेष सत्र में हिस्सा लेने के लिए एक जनप्रतिनिधि यानी विधायक के रूप में शामिल होने की अनुमति मिली है.पीएमएलए कोर्ट ने उन्हें अनुमति दी है.हेमंत सोरेन जैसे ही विधानसभा पहुंचे उनका मिजाज थोड़ा गम दिखा. ईडी के अधिकारी उन्हें लेकर गये थे. हेमंत सोरेन को किसी से खास तौर पर मीडिया से बात करने की इजाजत नहीं है.सदन में भी बहस में हिस्सा ले सकते हैं. इस विशेष सत्र को राज्यपाल सी पी राधाकृष्णन ने संबोधित किया. जब कभी भी किसी नए कैलेंडर ईयर में कोई 17 होता होता है तो उसे राज्यपाल संबोधित करते हैं.
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