
रांची: राज्य में डॉक्टरों की हड़ताल कुछ ही घंटे में खत्म हो गई.दरअसल डॉक्टर से मारपीट के आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद सभी डॉक्टरों ने काम पर लौटने का निर्णय लिया है. आपको बता दें कि इससे पहले राज्य के सभी सरकारी और गैर सरकारी डॉक्टरों के हड़ताल पर रहने के कारण मरीजों और उनके परिजनों को परेशानियों का काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा, क्योंकि सुबह से ही डॉक्टर हड़ताल पर थे .गौरतलब है कि जमशेदपुर में एमजीएमएमसीएच के चाइल्ड चिकित्सक कमलेश उरांव से सोमवार रात को एक बच्चे की मौत होने के बाद उसके परिजनों ने डॉक्टर के साथ मारपीट की थी. इसके बाद से ही डॉक्टर की ओर से यह कहा जा रहा था कि हर बार डॉक्टर के साथ इसी तरीके की घटनाएं होती रहती हैं और इसको लेकर डॉक्टरों की ओर से निर्णय लिया गया था कि गैर सरकारी और सरकारी अस्पतालों में डॉक्टर हड़ताल पर रहेंगे.जब तक डॉक्टर को न्याय नहीं मिलता है.
*पुलिस ने चारों आरोपियों को किया गिरफ्तार*
डॉक्टर के साथ मारपीट की घटना को लेकर लगातार डॉक्टर मांग कर रहे थे कि जिसने डॉक्टर को मारा है, उनकी गिरफ्तारी होनी चाहिए.इसके बाद पुलिस लगातार सभी चीजों को जांचने और परखने की कोशिश कर रही थी कि आखिर उस दिन हुआ क्या था.
दरअसल तमाम चीजों को देखने के बाद जमशेदपुर पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है. आपको बता दें कि पूर्वी सिंहभूम (ग्रामीण) के पुलिस अधीक्षक ऋषभ गर्ग ने बताया कि चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है.उन्हें जेल भेजने की औपचारिकताएं पूरी कर ली गयी हैं.
*लगभग 13 हजार डॉक्टर थे हड़ताल पर*
भारतीय चिकित्सा संघ और जेएचएसए के सदस्यों की ओर से शुक्रवार को सुबह छह बजे से काम का बहिष्कार करने का आह्वान किया था और आईएमए के एक अधिकारी ने मीडिया को जानकारी देते हुए कहा कि राज्य में सरकारी और निजी अस्पतालों के करीब 13,000 चिकित्सकों ने हड़ताल किया था हालांकि, आपातकालीन सेवाओं पर कोई असर नहीं पड़ा.
डॉक्टर को सुरक्षा कानून लागू करने की मांग
डॉक्टर के साथ लगातार मारपीट की घटना सामने आती है जिसको लेकर डॉक्टर आए दिन प्रदर्शन करते हुए नजर आते हैं. लगातार सरकार से मांग करते हैं कि डॉक्टर सुरक्षा कानून यानी मेडिकल प्रोटेक्शन एक्ट लागू होनी चाहिए.बता दें कि झारखंड आईएमए के अध्यक्ष ए के सिंह ने कहा कि संगठन ने दोषियों को गिरफ्तार करने की मांग पूरी होने के बाद हड़ताल बंद कर दी है.साथ ही उन्होंने कहा कि आईएमए सरकार से चिकित्सकों और मरीजों, दोनों के फायदे के लिए जल्द से जल्द डॉक्टर्स सुरक्षा कानून लागू करने का भी अनुरोध करता है.
*डॉक्टर का सरकार से सवाल-आखिर क्यों नहीं हो रहा बिल पास*?
डॉक्टर का विरोध चंद घंटे में खत्म तो जरूर हो गया लेकिन डॉक्टर लगातार डॉक्टर सुरक्षा कानून की मांग कर रहे हैं.इस बीच आईएमए वूमेन विंग की वरिष्ठ सदस्य डॉक्टर भारती कश्यप ने कहा कि जब तक राज्य सरकार विधानसभा में मेडिकल प्रोटेक्शन विधेयक को पास नहीं करती है, तब तक इस तरह की समस्या आए दिन डॉक्टर्स के साथ देखने को मिलेगी. भारती कश्यप ने आगे यह भी कहा कि अन्य राज्य में या बिल पास है तो झारखंड राज्य में आखिर सरकार को इस बिल को पास करने में क्या परेशानी हो रही है ? (KS)













