रांची- झारखंड के में 3 जुलाई 2024 का दिन इतिहास के पन्नों में दर्ज होगा. गठबंधन की सरकार ठीक-ठाक चल रहे मुख्यमंत्री चंपई सोरेन को इस्तीफा देना पड़ा. ‘दिन में सत्ता पक्ष की विधायकों की बैठक में हेमंत सोरेन को एक बार फिर से विधायक दल का नेता चुन लिया गया. निवर्तमान मुख्यमंत्री चंपई सोरेन सारा कुछ शांत दिमाग से देखते रहे.31 जनवरी को हेमंत सोरेन के द्वारा सत्ता छोड़ने के बाद चंपाई सोरेन को विधायक दल का नेता के नाते सरकार बनाने का दवा पेश किया था.
28 जून को जमानत मिलने के बाद पूर्व मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन जेल से बाहर निकले. उसके बाद से ही लग रहा था कि झारखंड में राजनीतिक हलचल तेज होगी और वही हुआ.हेमंत सोरेन सत्ता की कुर्सी अपने पास करने के लिए रेस हो गए. सत्ता पक्ष के विधायक को की बैठक हेमंत सोरेन ने अपने आवास में बुलाई और यह तय हो गया कि वे चंपाई सोरेन का स्थान लेंगे. राज्यपाल के झारखंड लौट के तुरंत बाद हेमंत सोरेन अपने साथ चंपई सोरेन को लेकर राजभवन पहुंचे और उनसे इस्तीफा दिलवाया साथ ही विधायकों का समर्थन पत्र राज्यपाल सीपी राधा कृष्णन को सोपा. अगली सरकार हेमंत सोरेन के नेतृत्व में जल्द ही शपथ लेगी राजनीतिक गलियारों में इसको लेकर अलग-अलग चर्चा हो रही है भारतीय जनता पार्टी ने कहा कि यह सोरेन परिवार की परिवारवाद की पराकाष्ठा है. एक सीनियर व्यक्ति को मुख्यमंत्री पद से हटा दिया गया.जनता कभी माफ नहीं करेगी.
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