ढाका: बांग्लादेश हाई कोर्ट ने उल्फा नेता परेश बरुआ किसकी सजा घटकर 14 साल कर दी है.कई अन्य नेताओं की भी सजा घटा दी गई है.हथियार सप्लाई के मामले में परेश बरुआ को 10 साल पूर्व मौत की सजा सुनाई गई थी.इसके अलावा पांच अन्य लोगों की भी सजा घटाई गई है.हथियारों की तस्करी के मामले में बांग्लादेश हाई कोर्ट ने यह सजा पुनरीक्षित की है.हम बता दें कि यह मामला 2004 का है.इसमें 10 ट्रक हथियार को भारत के उत्तर पूर्वी क्षेत्र में उग्रवादी संगठन को सप्लाई करने से जुड़ा हुआ है.बांग्लादेश हाई कोर्ट के जस्टिस मुस्तफा जमा इस्लाम और नसरीन अख्तर ने सुनवाई के बाद परेश बरुआ की आजीवन कारावास की सजा को 14 साल स्थापित कर दिया है.यानी परेश बरुआ को जो सजा मिली थी उसके तहत उन्हें जीवन भर जेल में ही रहना था.लेकिन अब 14 साल की सजा काटने के बाद वे बाहर निकाल सकेंगे इस तरह से पांच अन्य की भी सजा जो है 10 साल घटकर कर दी गई है.मालूम हो कि पिछले साल दिसंबर में हाईकोर्ट ने उल्फा नेता परेश बरुआ को फांसी की सजा सुनाई गई थी.कुछ अन्य लोगों को भी यह सजा मिली थी.
मालूम हो की 2004 में अल्फा के उग्रवादियों को बड़ी मात्रा में हथियार आपूर्ति किए जाने का मामला सामने आया था.10 ट्रक हथियार में एक करोड़ से ज्यादा कारतूस के अलावा 27000 ग्रेनाइट्स 150 रॉकेट लांचर 1100 मशीन गन समेत अनेक घातक हथियार की आपूर्ति की जा रही थी जिन्हें बांग्लादेश पुलिस ने भारत प्रवेश करने से पहले जब्त किया था.इस मामले में उल्फा लीडर परेश बरुआ को मुख्य रूप से दोषी माना जा रहा था.














