रांची – सुप्रीम कोर्ट ने उन तमाम याचिकाओं को खारिज कर दिया है जिसमें एईवीएम की विश्वसनीयता पर सवाल खड़ा किए गए थे.सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि सिस्टम पर शक के आधार पर संदेह जताना भ्रम की स्थिति पैदा करेगा.सुप्रीम कोर्ट ने साथ में यह भी कहा है कि कतिपय चीजों को इलेक्शन कमिशन सुनिश्चित करे ताकि इस संबंध में किसी प्रकार की शक सुबहा ना रहे.
सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बारे में जानकारी देते हुए वरिष्ठ वकील प्रशांत भूषण ने कहा कि ईवीएम और VVPAT की सौ फीसदी मिलान उचित नहीं है.चुनाव आयोग ने इस संबंध में अपना पक्ष रखते हुए कहा था कि इसमें बहुत समय लगेगा और फिर ईवीएम से वोट कराने का कोई फायदा नहीं मिलेगा.सुप्रीम कोर्ट की दो सदस्य खंडपीठ ने फैसला सुनाते हुए कहा कि कुछ चीजों को किया जाना चाहिए.45 दिनों तक एस एल यू को सुरक्षित रखा जाना चाहिए.सुप्रीम कोर्ट ने यह भी कहा है कि अगर किसी प्रत्याशी को अपने रिजल्ट पर किसी प्रकार का शक है तो अपने खर्चे पर वह चैलेंज कर सकता है.इसके लिए 7 दिन के अंदर ही यह प्रक्रिया करनी होगी.
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