
दिल्ली: मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को बड़ी उम्मीद थी कि सुप्रीम कोर्ट उन्हें कोई राहत देगा लेकिन ऐसा नहीं हुआ.ईडी द्वारा संबंध जारी कर उन्हें बुलाया जाने के खिलाफ मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की थी. इस पर पहले सुनवाई 15 सितंबर को थी. लेकिन वकील के बीमार हो जाने की वजह से सुनवाई 18 सितंबर को निर्धारित की गई.
सुप्रीम कोर्ट ने हेमंत सोरेन की याचिका पर सुनवाई से इनकार कर दिया है.कोर्ट ने कहा है कि पहले याचिका करता यानी हेमंत सोरेन को हाई कोर्ट जाना चाहिए या नहीं झारखंड हाई कोर्ट में उन्हें याचिका दाखिल करनी चाहिए. सुप्रीम कोर्ट के इस आदेश के बाद हेमंत सोरेन के वकील ने सुप्रीम कोर्ट से याचिका वापस ले ली है.
मालूम हो कि लैंड स्कैम मामले में प्रवर्तन निदेशालय यानी ईडी ने मुख्यमंत्री को समन जारी किया था. अब तक तीन बार समन जारी होने पर भी मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ईडी के पास पूछताछ के लिए नहीं गए. पहले समन जारी होने के बाद मुख्यमंत्री ने दूसरे समन की तिथि पर अपने संदेशवाहक से एक पत्र प्रवर्तन निदेशालय यानी ईडी के पास भिजवाया था जिसमें कहा गया था कि प्रवर्तन निदेशालय द्वारा इस प्रकार से मुख्यमंत्री को बुलाया जाना गैरकानूनी है और इस संबंध में अब कानूनी सलाह ले रहे हैं. इसका हवाला देकर मुख्यमंत्री ईडी के पास नहीं गए. भले मुख्यमंत्री अब तक पूछताछ के लिए प्रवर्तन निदेशालय के समक्ष उपलब्ध नहीं हुए हैं,लेकिन उनका संदेश वाहक पत्र लेकर जरुर पहुंचा है. 23 सितंबर को उन्हें चौथा समन जारी कर बुलाया गया है.
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को उम्मीद थी कि सुप्रीम कोर्ट से उन्हें कोई राहत मिलेगी, लेकिन उन्हें झारखंड हाई कोर्ट जाने को कहा गया हैइस बीच मुख्यमंत्री क्या करते हैं, यह देखना होगा.













