**रांची: राहुल गांधी को सशरीर उपस्थित होने से छूट नहीं देने के खिलाफ याचिका की सुनवाई**
रांची: झारखंड हाईकोर्ट में कांग्रेस के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी को चाईबासा स्थित एमपी/एमएलए की विशेष अदालत में सशरीर उपस्थिति से छूट नहीं देने के खिलाफ दायर याचिका की सुनवाई हुई। इस मामले में कोर्ट ने राहुल गांधी के वकील के आग्रह पर याचिका वापस लेने की अनुमति दे दी। साथ ही, हाईकोर्ट ने राहुल गांधी को अंतरिम राहत देते हुए चाईबासा की निचली अदालत में उनके खिलाफ चल रही कार्रवाई पर लगी रोक को भी समाप्त कर दिया। इस मामले की अगली सुनवाई 9 जून को होगी।
**क्या है मामला?**
यह मामला वर्ष 2018 का है, जब राहुल गांधी ने भारतीय जनता पार्टी (भा.ज.पा.) के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी की थी। उन्होंने एक कांग्रेस अधिवेशन के दौरान कहा था कि भाजपा में कोई भी हत्यारा अध्यक्ष बन सकता है, लेकिन कांग्रेस में ऐसा नहीं हो सकता। इसके बाद, भाजपा के नेता प्रताप कटियार ने चाईबासा कोर्ट में शिकायत दर्ज कराई थी। मामला चाईबासा के मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी की अदालत में दायर हुआ और बाद में इसे एमपी/एमएलए कोर्ट में ट्रांसफर कर दिया गया।
इस मामले में अप्रैल 2022 में चाईबासा एमपी/एमएलए कोर्ट ने राहुल गांधी के खिलाफ जमानती वारंट जारी किया था, लेकिन राहुल गांधी ने इस पर कोई संज्ञान नहीं लिया। इसके बाद, 27 फरवरी 2024 को कोर्ट ने उनके खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया। राहुल गांधी के वकील ने अदालत में आवेदन देकर उन्हें सशरीर उपस्थिति से छूट देने की मांग की, लेकिन अदालत ने उनके आवेदन को खारिज करते हुए उन्हें सशरीर उपस्थित होने का आदेश जारी किया।
अब, हाईकोर्ट द्वारा दी गई राहत के बाद, राहुल गांधी को चाईबासा की निचली अदालत में चल रही कार्रवाई के संबंध में राहत मिली है।














