न्यूज डेस्क : झारखंड सरकार ने PESA नियमावली को मंजूरी दे दी है। इसके साथ ही राज्य के 13 जिले में पूरी तरह और दो जिलों में आंशिक रूप से यह कानून लागू होगा। इसको लेकर झारखंड हाइकोर्ट ने सरकार को आदेश दिया था। आज भी हाईकोर्ट में इस विषय पर सुनवाई हुई।
पंचायती राज सचिव मनोज कुमार ने कोर्ट में हाज़िर होकर समय की मांग की थी। अगली सुनवाई 13 जनवरी को होगी। सरकार की ओर से बताया गया था कि आज केबिनेट में यह प्रस्ताव आ रहा है। इधर केबिनेट ने पैसा नियमावली को मंजूरी दे दी।
झारखंड सरकार की इसको लेकर आलोचना हो रही थी। इधर बीजेपी ने इसे अपने संघर्ष की जीत बताया है। प्रदेश अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी ने बयान जारी किया है। यह कहा गया है कि झारखंड में PESA कानून लागू करने के लिए भाजपा ने सड़क से लेकर सदन तक संघर्ष किया। सरकार पर दबाव बनाया गया।
इस कानून को झारखंड के तेरह जिलों में पूरी तरह लागू किया जाएगा। दो जिलों के कुछ क्षेत्रों में यह लागू होगा। इस कानून के लागू होने से अनुसूचित क्षेत्र में परंपराग आदिवासी प्रशासन की इकाई काम करेगी। ग्राम सभा को अधिकार मिल जाएगा।
PESA कानून लागू होने से लघु खनिज जैसे बालू, पत्थर जैसे खनिज पदार्थ की नीलामी ग्राम सभा करेगी। जल स्रोत पर भी ग्राम सभा का अधिकार रहेगा। ग्राम सभा को राजस्व की प्राप्ति होगी। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि विपक्ष इसपर सिर्फ राजनीति करता रहा।














