
महाराष्ट्र के रायगढ़ जिले में तटीय सुरक्षा अभियान के दौरान पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए एक मछुआरे को लगभग 4 किलोग्राम एम्बरग्रीस के साथ गिरफ्तार किया है। अंतरराष्ट्रीय अवैध बाजार में इस दुर्लभ पदार्थ की कीमत करीब 4 करोड़ रुपये बताई जा रही है। मामले की जांच अब वन विभाग द्वारा की जा रही है, क्योंकि एम्बरग्रीस का संग्रह, परिवहन और व्यापार भारतीय कानून के तहत प्रतिबंधित है। जानकारी के अनुसार, तटीय क्षेत्रों में बढ़ाई गई निगरानी के दौरान पुलिस टीम देर रात गश्त कर रही थी। इसी दौरान चलमाला जेटी के पास एक व्यक्ति संदिग्ध परिस्थितियों में स्कूटी से गुजरता दिखाई दिया। पुलिस ने उसे रोककर पूछताछ की, लेकिन उसके जवाब संतोषजनक नहीं मिले। संदेह होने पर वाहन की तलाशी ली गई, जिसमें कपड़े में लपेटकर रखा गया लगभग 4 किलो एम्बरग्रीस बरामद हुआ। इसके बाद आरोपी को हिरासत में लेकर स्कूटी भी जब्त कर ली गई। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि कुछ महीने पहले उसे समुद्र किनारे यह पदार्थ मिला था। उसका दावा है कि यह समुद्र में बहकर आया था और वह इसे अपने पास सुरक्षित रखकर किसी खरीदार की तलाश कर रहा था। हालांकि, किसी प्रकार का सौदा होने से पहले ही पुलिस ने उसे पकड़ लिया। एम्बरग्रीस एक अत्यंत दुर्लभ, मोम जैसा प्राकृतिक पदार्थ है,

जो स्पर्म व्हेल के पाचन तंत्र में बनता है। यह लंबे समय तक सुगंध बनाए रखने की क्षमता के कारण अंतरराष्ट्रीय परफ्यूम उद्योग में बेहद मूल्यवान माना जाता है। इसी वजह से इसकी अवैध तस्करी भी होती रही है। भारत में स्पर्म व्हेल संरक्षित समुद्री जीवों की श्रेणी में आती है। इसलिए एम्बरग्रीस का संग्रह, बिक्री, खरीद या परिवहन वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972 के तहत दंडनीय और गैर-जमानती अपराध माना जाता है। पुलिस ने जब्त एम्बरग्रीस और आरोपी को आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए संबंधित वन विभाग के अधिकारियों को सौंप दिया है। अब मामले की विस्तृत जांच जारी है।

