
झारखंड में JPSC और JSSC परीक्षाओं में कथित अनियमितता की जांच कर रही CID ने बड़ी कार्रवाई की है। जांच एजेंसी ने परीक्षा घोटाले के मुख्य आरोपी बताए जा रहे अभय कुमार तिवारी उर्फ मनोज कुमार तिवारी की पत्नी सुषमा कुमारी और उसके भाई अक्षय तिवारी को गिरफ्तार कर लिया गया है। दोनों की गिरफ्तारी जांच में सामने आए तथ्यों और सबूतों के आधार पर की गई है।
CID के अनुसार, अभय तिवारी परीक्षा कराने वाली एजेंसी TSR Data Processing Private Limited (TDPL) में मार्केटिंग मैनेजर के तौर पर काम करता था। जांच में आरोप है कि उसने अपनी पहुंच और संपर्क का इस्तेमाल कर कई परीक्षाओं में गड़बड़ी की और अपने करीबियों को भी इसका फायदा पहुंचाया।
अक्षय तिवारी ने JSSC CGL परीक्षा पास की थी। इसके बाद उसे झारखंड सरकार के महिला एवं बाल विकास विभाग में नौकरी मिली। उसने 14वीं JPSC प्रारंभिक परीक्षा भी पास की थी। वहीं, अभय तिवारी की पत्नी सुषमा कुमारी ने भी JSSC CGL परीक्षा पास की थी और वह वित्त विभाग में कार्यरत थी।
पूछताछ में परीक्षा घोटाले को लेकर कई अहम खुलासे
CID की पूछताछ में अभय तिवारी ने कथित तौर पर परीक्षा में गड़बड़ी के तरीके और इससे जुड़े लोगों के बारे में जानकारी दी थी। जांच एजेंसी के मुताबिक, परीक्षा में पैसे लेकर अभ्यर्थियों को फायदा पहुंचाने का नेटवर्क काम कर रहा था।
आरोप है कि पेपर लीक के अलावा कंप्यूटर आधारित परीक्षाओं में रिमोट एक्सेस के जरिए कुछ अभ्यर्थियों को पास कराया जाता था। वहीं, OMR शीट में बदलाव करके भी नंबर बढ़ाने की बात जांच में सामने आई है। CID का दावा है कि अभय तिवारी ने अपने कई रिश्तेदारों को भी अलग-अलग परीक्षाओं में सफलता दिलाने में मदद की।
मंगलवार को CID की टीम दोनों आरोपितों के घर पहुंची। वहां पूछताछ के बाद अक्षय तिवारी और सुषमा कुमारी को गिरफ्तार कर लिया गया। दोनों को अब अदालत में पेश किया जाएगा। कोर्ट के आदेश के बाद उन्हें न्यायिक हिरासत में भेजा जा सकता है।
इस मामले में CID अब तक कुल 24 आरोपितों को गिरफ्तार कर चुकी है। जांच एजेंसी अभय तिवारी से जुड़े अन्य लोगों और उन अभ्यर्थियों की भूमिका भी खंगाल रही है, जिनकी सफलता पर सवाल उठे हैं।
छात्रों की ओर से भी लंबे समय से JPSC और JSSC परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी की निष्पक्ष जांच की मांग की जा रही है। अब CID की कार्रवाई के बाद इस मामले में आगे और गिरफ्तारियां होने की संभावना जताई जा रही है। एजेंसी का कहना है कि जांच में जो भी व्यक्ति दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।

