महाराष्ट्र के नागपुर से एक बेहद गंभीर आपराधिक मामला सामने आया है। पुलिस ने डिघोरी इलाके के एक किराए के फ्लैट से 16 वर्षीय छात्रा को सुरक्षित रेस्क्यू किया है। पुलिस के अनुसार, छात्रा को कथित तौर पर 24 घंटे से अधिक समय तक बंधक बनाकर रखा गया था। पीड़िता एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी की बेटी बताई जा रही है। रेस्क्यू के बाद उसे तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसका इलाज जारी है।
प्रारंभिक जांच के अनुसार, आरोपी ने छात्रा को कथित तौर पर नशीला पदार्थ मिलाकर चॉकलेट दी, जिसके बाद वह अचेत हो गई। पुलिस का आरोप है कि इसके बाद आरोपी ने उसके साथ गंभीर अपराध किया और विरोध करने पर धारदार हथियार तथा अन्य वस्तु से हमला किया। मेडिकल जांच और अन्य साक्ष्यों के आधार पर मामले की विस्तृत जांच की जा रही है।
पुलिस की टीम ने सूचना मिलने के बाद फ्लैट पर छापेमारी की। अधिकारियों के अनुसार, दरवाजा तोड़कर अंदर प्रवेश करने पर छात्रा घायल अवस्था में मिली। इसके बाद उसे तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया। पुलिस ने घटनास्थल से कई अहम साक्ष्य भी बरामद किए हैं, जिनमें इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, कथित आपत्तिजनक सामग्री, नशीली गोलियां और एक चाकू शामिल हैं। इन सभी वस्तुओं को फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है।
जांच एजेंसियों का कहना है कि आरोपी ने कथित तौर पर पीड़िता का मोबाइल फोन भी अपने कब्जे में ले लिया था। पुलिस के अनुसार, पूछताछ के दौरान उसने अपने और पीड़िता के मोबाइल का पासवर्ड बताने से भी इनकार किया। अब डिजिटल साक्ष्यों की मदद से मामले की हर कड़ी की जांच की जा रही है।
गिरफ्तारी के बाद आरोपी के व्यवहार ने भी पुलिस को हैरान किया। अधिकारियों के अनुसार, हिरासत में रहते हुए उसने लॉकअप की सुविधाओं को लेकर कई विशेष मांगें रखीं। पुलिस का दावा है कि आरोपी ने सामान्य भोजन की जगह पिज्जा, बेहतर बिस्तर और अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की, जिसे स्वीकार नहीं किया गया।
फिलहाल आरोपी को अदालत में पेश कर पुलिस रिमांड पर लिया गया है। मामले में विभिन्न धाराओं के तहत जांच जारी है और पुलिस का कहना है कि सभी साक्ष्यों के आधार पर आरोपपत्र तैयार किया जाएगा। यह मामला नाबालिगों की सुरक्षा, साइबर साक्ष्यों और महिलाओं के खिलाफ अपराधों को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े करता है।

