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CWG 2026: भारत का शानदार प्रदर्शन, चौथे दिन मेडलों की बारिश; सर्वेश कुशारे, शर्मिला और वेटलिफ्टर्स ने बढ़ाया देश का मान

KARISHMA SANCHAY

KARISHMA SANCHAY

Jul 28, 2026 · 12:15 PM
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CWG 2026: भारत का शानदार प्रदर्शन, चौथे दिन मेडलों की बारिश; सर्वेश कुशारे, शर्मिला और वेटलिफ्टर्स ने बढ़ाया देश का मान
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CWG 2026 India Day 4 Highlights: कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत का शानदार अभियान लगातार जारी है। स्कॉटलैंड के ग्लासगो में खेले जा रहे खेलों के चौथे दिन भारतीय खिलाड़ियों ने कई यादगार प्रदर्शन किए और देश की झोली में कई पदक डाले। एथलेटिक्स, पैरा एथलेटिक्स और वेटलिफ्टिंग में भारतीय खिलाड़ियों ने शानदार खेल दिखाते हुए भारत की पदक संख्या में इजाफा किया। खास बात यह रही कि पैरा एथलेटिक्स में भारत ने इतिहास रचते हुए पहली बार एक ही स्पर्धा में दो पदक जीते। पुरुष हाई जंप में सर्वेश कुशारे ने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए रजत पदक अपने नाम किया। उन्होंने शानदार मुकाबला खेला और काउंटबैक के आधार पर गोल्ड से चूक गए, लेकिन सिल्वर जीतकर भारत को एथलेटिक्स में बड़ी सफलता दिलाई। वहीं, पैरा एथलेटिक्स में शर्मिला धनखड़ ने महिलाओं के शॉट पुट F57 वर्ग में सीजन का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक जीता। इस जीत के साथ वह कॉमनवेल्थ गेम्स में पैरा एथलेटिक्स में गोल्ड जीतने वाली भारत की पहली खिलाड़ी बन गईं। इसी स्पर्धा में शिल्पा के. शायला ने कांस्य पदक जीतकर इतिहास रच दिया। पहली बार भारत ने कॉमनवेल्थ गेम्स के किसी एक पैरा एथलेटिक्स इवेंट में दो पदक हासिल किए। वेटलिफ्टिंग में भी भारतीय खिलाड़ियों का दबदबा देखने को मिला। महिलाओं के 53 किलोग्राम वर्ग में ज्ञानेश्वरी यादव ने रजत पदक जीतकर शानदार प्रदर्शन किया। इसके बाद बिंदियारानी देवी ने 58 किलोग्राम वर्ग में कांस्य पदक अपने नाम किया। दिन का समापन वल्लुरी अजय बाबू ने पुरुष 79 किलोग्राम वर्ग में रजत पदक जीतकर किया। उन्होंने स्नैच में नया कॉमनवेल्थ गेम्स रिकॉर्ड भी बनाया, जिससे उनका प्रदर्शन और भी खास बन गया। मुक्केबाजी में साक्षी चौधरी, सचिन सिवाच और अंकुश ने अपने-अपने मुकाबले जीतकर क्वार्टर फाइनल में जगह बनाई। हालांकि सुमित कुंडू को हार का सामना करना पड़ा। एथलेटिक्स में तेजस शिरसे 110 मीटर हर्डल्स के फाइनल में पहुंचे, लेकिन चोट के कारण आठवें स्थान पर रहे। दूसरी ओर, तेजस्विन शंकर चोट के चलते हाई जंप फाइनल से हट गए, जबकि मुरली श्रीशंकर और लोकेश सत्यनाथन ने लॉन्ग जंप फाइनल के लिए क्वालिफाई कर भारत की उम्मीदें बरकरार रखीं।

भारत का यह शानदार प्रदर्शन दिखाता है कि टीम लगातार हर खेल में दमदार चुनौती पेश कर रही है। अब सभी की निगाहें प्रतियोगिता के अगले मुकाबलों पर हैं, जहां भारतीय खिलाड़ी पदकों की संख्या को और बढ़ाने के इरादे से मैदान में उतरेंगे।

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