रांची। झारखंड में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision) अभियान के तहत बड़ी प्रगति दर्ज की गई है। राज्य के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार ने बताया कि निर्वाचन आयोग की ओर से चलाए जा रहे विशेष अभियान के सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। पहले जहां लाखों मतदाता अन-मैप्ड श्रेणी में थे, वहीं अब इनकी संख्या में उल्लेखनीय कमी आई है। इससे आगामी मतदाता सूची को अधिक सटीक, पारदर्शी और त्रुटिरहित बनाने में मदद मिलेगी।
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने बताया कि 23 मई 2026 को राज्य के सभी मतदान केंद्रों पर 70,62,319 अन-मैप्ड मतदाताओं की सूची प्रकाशित की गई थी। इसके बाद बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ), मतदाताओं, मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के बीएलए-2 और स्वयंसेवकों के सहयोग से व्यापक स्तर पर सत्यापन एवं मैपिंग अभियान चलाया गया। इस अभियान के परिणामस्वरूप 29 जुलाई तक इन्यूमरेशन फेज शुरू होने से पहले अन-मैप्ड मतदाताओं की संख्या घटकर 47,42,505 रह गई।
उन्होंने बताया कि इन्यूमरेशन फेज के दौरान बीएलओ ने घर-घर जाकर मतदाताओं का सत्यापन किया और पुराने एसआईआर (Special Intensive Revision) की मतदाता सूची से अधिकतम मतदाताओं की सफलतापूर्वक मैपिंग की। वर्तमान स्थिति में राज्य में केवल 14,02,262 मतदाता, यानी कुल मतदाताओं का लगभग 5.3 प्रतिशत, ही अन-मैप्ड श्रेणी में शेष हैं।
के. रवि कुमार ने स्पष्ट किया कि भारत निर्वाचन आयोग ने पिछली एसआईआर की मतदाता सूची को सुपीरियर डॉक्यूमेंट माना है। ऐसे मतदाता, जिनकी पिछली मतदाता सूची से मैपिंग सही पाई जाएगी और जिनके रिकॉर्ड में कोई तार्किक विसंगति नहीं होगी, उन्हें 5 अगस्त को प्रकाशित होने वाली ड्राफ्ट मतदाता सूची के बाद अंतिम मतदाता सूची में शामिल किया जाएगा। वहीं, जिन मतदाताओं की मैपिंग अभी नहीं हो सकी है, उनका निर्वाचन निबंधन पदाधिकारी (ईआरओ) स्तर पर सत्यापन कर अंतिम निर्णय लिया जाएगा।
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने यह भी बताया कि 5 अगस्त 2026 को ड्राफ्ट मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी। इसके बाद जिन पात्र भारतीय नागरिकों का नाम सूची में शामिल नहीं होगा, नए मतदाता या किसी कारणवश वर्तमान मतदाता सूची से बाहर रह गए नागरिक फॉर्म-6 और घोषणा पत्र भरकर अपना नाम अंतिम मतदाता सूची में दर्ज करा सकेंगे। उन्होंने कहा कि पिछली एसआईआर से की गई मैपिंग एक महत्वपूर्ण और मान्य दस्तावेज है, इसलिए फॉर्म-6 भरते समय मतदाता इसका उपयोग कर सकते हैं।
निर्वाचन आयोग ने सभी पात्र नागरिकों से अपील की है कि ड्राफ्ट मतदाता सूची जारी होने के बाद अपना नाम अवश्य जांचें और यदि नाम छूट गया हो तो निर्धारित प्रक्रिया के तहत आवेदन कर समय रहते मतदाता सूची में अपना नाम शामिल कराएं।


