रांची: झारखंड सरकार ने राज्य की अग्निशमन व्यवस्था को आधुनिक बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने गुरुवार को रांची के धुर्वा स्थित केंद्रीय प्रशिक्षण संस्थान, गृह रक्षा वाहिनी परिसर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान 58 आधुनिक “मिनी वाटर टेंडर विद मिस्ट टेक्नोलॉजी” वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। सरकार का कहना है कि इन नए वाहनों के शामिल होने से आग लगने की घटनाओं में त्वरित और प्रभावी राहत पहुंचाने की क्षमता मजबूत होगी।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान समय में आधुनिक फायर सेफ्टी सिस्टम की आवश्यकता पहले से कहीं अधिक बढ़ गई है। तेजी से बढ़ते शहरीकरण, घनी आबादी और संकरी गलियों वाले क्षेत्रों में पारंपरिक बड़े अग्निशमन वाहनों के पहुंचने में कई बार कठिनाई होती है। ऐसे में छोटे आकार के आधुनिक मिनी वाटर टेंडर आपात स्थिति में तेजी से घटनास्थल तक पहुंच सकेंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पहल केवल नए वाहनों को शामिल करने तक सीमित नहीं है, बल्कि नागरिकों की सुरक्षा, जीवन और संपत्ति की रक्षा के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता का प्रतीक है। उन्होंने बताया कि इन वाहनों में इस्तेमाल की गई मिस्ट टेक्नोलॉजी आग पर तेजी से नियंत्रण पाने के साथ-साथ कम पानी में अधिक प्रभावी अग्निशमन में भी मदद करेगी।
हेमंत सोरेन ने अग्निशमन सेवा के जवानों की सराहना करते हुए कहा कि उनका काम केवल आग बुझाना नहीं है, बल्कि आग में फंसे लोगों की जान बचाना भी उनकी सबसे बड़ी जिम्मेदारी होती है। उन्होंने कहा कि यह सेवा अत्यंत जोखिमपूर्ण है और जवान हर परिस्थिति में अपनी जान की परवाह किए बिना लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करते हैं। इसलिए उन्हें आधुनिक उपकरण और नई तकनीक से लैस करना समय की जरूरत है।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि नई व्यवस्था से ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों तक अग्निशमन सेवाओं की पहुंच बेहतर होगी। गैस सिलेंडर विस्फोट, शॉर्ट सर्किट या अन्य कारणों से लगने वाली आग की घटनाओं में अब पहले से अधिक तेज प्रतिक्रिया संभव हो सकेगी।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने राज्यवासियों से सुरक्षित और आपदा-प्रतिरोधी झारखंड के निर्माण में सहयोग करने की अपील की। कार्यक्रम में विधायक कल्पना सोरेन, मुख्य सचिव अविनाश कुमार, गृह विभाग की अपर मुख्य सचिव वंदना दादेल, डीजी फायर सर्विसेज एम. एस. भाटिया, डीजीपी तदाशा मिश्रा सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
सरकार का मानना है कि इन 58 नए आधुनिक अग्निशमन वाहनों के शामिल होने से झारखंड की आपदा प्रतिक्रिया प्रणाली और अधिक मजबूत होगी तथा आपातकालीन परिस्थितियों में लोगों को समय पर राहत उपलब्ध कराने में बड़ी मदद मिलेगी।


