
देवघर: झारखंड के विश्व प्रसिद्ध बाबा बैद्यनाथ धाम में श्रावणी मेला 2026 का शुभारंभ श्रद्धा, भक्ति और उत्साह के साथ हुआ। सावन के पहले दिन तड़के से ही मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों में शिवभक्तों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। देश के अलग-अलग राज्यों से पहुंचे कांवरियों ने “बोल बम” और “हर-हर महादेव” के जयघोष के बीच भगवान शिव का जलाभिषेक कर पुण्य लाभ अर्जित किया। पूरे दिन बाबा नगरी भक्तिमय माहौल में डूबी रही।
परंपरा के अनुसार सुबह लगभग 3:05 बजे मंदिर के कपाट खोले गए। इसके बाद वैदिक मंत्रोच्चार के बीच नियमित धार्मिक अनुष्ठान संपन्न किए गए। मंदिर के मुख्य महंत द्वारा विशेष पूजा-अर्चना के बाद भगवान बैद्यनाथ का श्रृंगार किया गया और निर्धारित समय सुबह 4:05 बजे से आम श्रद्धालुओं के लिए जलार्पण की प्रक्रिया शुरू कर दी गई। जैसे ही जलाभिषेक प्रारंभ हुआ, मंदिर परिसर शिवभक्तों के जयघोष से गूंज उठा।
इस बार श्रावणी मेले में श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने कई नई व्यवस्थाएं लागू की हैं। कूपनधारी और सामान्य श्रद्धालुओं के लिए अलग-अलग प्रवेश व्यवस्था बनाई गई है, जिससे भीड़ नियंत्रण पहले की तुलना में अधिक प्रभावी नजर आया। नए ओवरब्रिज और सुव्यवस्थित कतार प्रणाली के कारण श्रद्धालुओं को लंबी प्रतीक्षा के बावजूद काफी राहत मिली। सुबह से ही भक्तों की कतार लगातार बढ़ती रही और कुछ ही घंटों में कई प्रमुख मार्ग श्रद्धालुओं से भर गए।
श्रावणी मेले को लेकर सुरक्षा व्यवस्था भी पूरी तरह चाक-चौबंद रही। मंदिर परिसर और आसपास के इलाकों में बड़ी संख्या में पुलिस बल, प्रशासनिक अधिकारी और सुरक्षा कर्मियों की तैनाती की गई। भीड़ प्रबंधन, यातायात नियंत्रण और आपातकालीन सेवाओं पर विशेष निगरानी रखी गई, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। चिकित्सा, पेयजल और सहायता केंद्र भी सक्रिय रहे।
बाबा बैद्यनाथ धाम का श्रावणी मेला देश के सबसे बड़े धार्मिक आयोजनों में गिना जाता है। हर वर्ष लाखों श्रद्धालु सुल्तानगंज से गंगाजल लेकर पैदल यात्रा करते हुए देवघर पहुंचते हैं और भगवान शिव का जलाभिषेक करते हैं। इस वर्ष भी पहले दिन श्रद्धालुओं का उत्साह देखने लायक रहा। प्रशासन और मंदिर प्रबंधन की बेहतर तैयारियों ने मेले की शुरुआत को सफल बनाया और श्रद्धालुओं को व्यवस्थित तरीके से दर्शन एवं जलार्पण का अवसर मिला।

