PostNxt - Breaking News
Advertisement
Premium Placement

Grow Your Brand with PostNxt Media

Advertise Here

SBU के दीक्षांत समारोह में राज्यपाल ने दिया संदेश।DRDO और ISRO के प्रमुख को मिली उपाधि

postnext

postnext

Feb 18, 2026 · 10:16 PM
Share:
SBU के दीक्षांत समारोह में राज्यपाल ने दिया संदेश।DRDO और ISRO के प्रमुख को मिली उपाधि
Promoted Story

Reach 5 Million Readers Monthly Across Our Networks

Place your business advertisement on India's fastest-growing news portal.

Get Media Kit

 

सरला बिरला विश्वविद्यालय का तृतीय दीक्षांत समारोह का शानदार आयोजन

रांची: प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थान सरला बिरला विश्वविद्यालय के तृतीय दीक्षांत समारोह में बुधवार को राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने विश्वविद्यालय के 32 विद्यार्थियों को ‘बसंत कुमार सरला बिरला स्वर्ण पदक’ और 10 विद्यार्थियों को पीएचडी की डिग्री प्रदान की। इसके साथ ही विभिन्न संकायों के कुल 1331 विद्यार्थियों को डिग्री दी गई। दीक्षांत समारोह में ISRO के चेयरमैन डॉ वी. नारायणन, डीआरडीओ के महानिदेशक डॉ. बी. के. दास, राज्यसभा सांसद गोविंदभाई ढोलकिया एवं तीरंदाजी कोच पद्मश्री पूर्णिमा महतो को पीएचडी की मानद उपाधि प्रदान की गई। डॉ. वी. नारायणन अन्यान्य व्यस्तताओं की वजह से कार्यक्रम में शिरकत कर पाने में असमर्थ रहे। उनके स्थान पर उनके विशेष प्रतिनिधि इसरो के निदेशक (ओआईसीसी) डॉ. डी. गौरीशंकर ने उपाधि ग्रहण की।

एसबीयू परिसर के दीक्षांत मंडप में आयोजित भव्य समारोह में राज्यपाल ने विद्यार्थियों से असफलताओं से घबराए बिना अनुशासन और आत्मविश्वास से जीवन में आगे बढ़ने की सलाह दी। अपने ज्ञान और कौशल का उपयोग राज्य और राष्ट्र की बेहतरी के लिए करने का उन्होंने छात्रों से आह्वान किया। उन्होंने कहा कि तकनीकी प्रगति के इस युग में छात्रों को अपने कौशल से साथ ही चरित्र निर्माण का भी प्रदर्शन करना होगा। साथ ही अपनी सांस्कृतिक विरासत का सम्मान करने के अलावा जिम्मेदार नागरिक बनने और उत्कृष्टता का लक्ष्य रखने का भी उन्होंने विद्यार्थियों को सुझाव दिया। राज्यपाल ने विकसित भारत की राह में युवा शक्ति की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया।

राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप विद्यार्थियों के समग्र विकास को सशक्त रूप से आगे बढ़ाने के लिए सरला बिरला विश्वविद्यालय की उन्होंने सराहना की। उन्होंने उम्मीद जताई कि विवि में अर्जित ज्ञान, कौशल और मूल्यों की बदौलत विद्यार्थी नौकरी सृजन करने वाले बन सकेंगे।

गोविन्दभाई ढोलकिया ने सफलता को हासिल करने के लिए छात्रों से कंफर्ट जोन से बाहर निकलने की अपील की। उन्होंने डिग्री को मंजिल की बजाए समाज के प्रति जिम्मेदारी करार दिया। डॉ. बी. के. दास ने युवाओं से अपनी पूरी क्षमता का प्रयोग कर राष्ट्र की प्रगति में अहम भूमिका निभाने की बात की। उन्होंने जोर देकर कहा कि आज भारत की तकनीक का ही कमाल है कि हम वैश्विक शक्ति बन चुके हैं। डॉ. डी. गौरीशंकर ने इसरो की सफलता का जिक्र करते हुए छात्रों को अपने लक्ष्य की राह में अनवरत आगे बढ़ने का मंत्र दिया। अपने संबोधन में पूर्णिमा महतो ने युवाओं को अपने लक्ष्य पर फोकस करने को कहा। सामाजिक स्तर पर दूसरों का सम्मान करते हुए सामूहिक प्रयासों की बात उन्होंने की।

शासी निकाय के सदस्य अनंत जाटिया ने बिरला परिवार की समृद्ध विरासत का जिक्र करते हुए उनके बताए हुए मूल्यों एवं दृष्टिकोण को अपनाने की बात की। जीवन में ईमानदारी के साथ विनम्रता को अपनाने की आवश्यकता पर उन्होंने जोर दिया। उन्होंने ‘विद्या ददाति विनयम’ के मूल मंत्र को जीवन में अपनाने की बात की। चरित्र निर्माण पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि कंपनियां नौकरी दे सकती हैं, लेकिन सफलता को सिर्फ चरित्र ही स्थायित्व प्रदान कर पाने में सक्षम है।

समारोह में विवि के प्रतिकुलाधिपति बिजय कुमार दलान, महानिदेशक प्रो गोपाल पाठक एवं राज्यसभा सांसद सह शासी निकाय के सदस्य डॉ. प्रदीप कुमार वर्मा भी उपस्थित रहे। विवि के कुलसचिव प्रो. एस.बी. डांडीन ने कार्यक्रम का संचालन किया।

इस अवसर पर विश्वविद्यालय के समस्त शिक्षक, अधिकारी एवं शिक्षाकेत्तर कर्मचारी दीक्षांत मंडप में मौजूद रहे। साथ ही कई विश्वविद्यालयों के कुलपति, रजिस्ट्रार, शिक्षक सहित रांची के कई गणमान्य लोग भी बड़ी संख्या में मौजूद रहे।

दीक्षांत समारोह की ख़ास बातें

विवि के कुलपति प्रो. सी. जगनाथन ने विवि का वार्षिक प्रतिवेदन प्रस्तुत करते हुए विवि की स्थापना के उद्देश्यों से लेकर संचालित अकादमिक गतिविधियों और विस्तार योजनाओं के बारे में जानकारी दी। उन्होंने विवि कैंपस को गोल्ड ग्रीन प्रमाणपत्र मिलने को पर्यावरण गुणवत्ता की दिशा में महत्वपूर्ण करार दिया। नवाचार से लेकर अनुसंधानों और खेलों में विवि की उपलब्धियों पर उन्होंने चर्चा की। विभिन्न संस्थानों से हुए एमओयू को विद्यार्थियों और शिक्षकों के लिए महत्वपूर्ण कहा। विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए विवि परिसर में अनवरत आयोजित होनेवाले कार्यक्रमों से लेकर विभिन्न क्लबों की स्थापना पर उन्होंने अपना मंतव्य रखा। स्वर्णिम भारत एक्सपो, हैकथन एवं चेस टूर्नामेंट के सफल आयोजन पर विवि परिवार का आभार व्यक्त किया।

शिक्षा के क्षेत्र में बिरला परिवार की अतुलनीय विरासत और योगदान की चर्चा करते हुए उन्होंने सरला बिरला विश्वविद्यालय की उपलब्धियों और विद्यार्थियों के चरित्र निर्माण हेतु विवि के प्रयासों की बात की। विवि के छात्रों द्वारा पाठ्येत्तर गतिविधियों में सफलता का उल्लेख करते हुए उन्होंने संस्थान के एक्टिविटी क्लब, एफटीपी इत्यादि से विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास पर अपनी बात रखी।

स्व. बी. के. बिरला और स्व. सरला देवी बिरला के विजन की बात करते हुए एसबीयू के विभिन्न संकायों के बारे में उन्होंने चर्चा की। विवि के रिसर्च और राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय विश्वविद्यालयों से शैक्षणिक करार की भी उन्होंने जानकारी दी। डिग्री/डिप्लोमा प्राप्त करनेवाले विद्यार्थियों को उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं देते हुए उन्होंने इन विद्यार्थियों को अपना लक्ष्य ऊंचा रखने की सलाह दी।

#SBU #Convocation #JharkhandRajyapal #ISRO #DRDO

Found this article helpful? Share it:

Share: