PostNxt - Breaking News
Advertisement

डुमरी उपचुनाव : आसान नहीं है डुमरी की डगर

postnxt

postnxt

Aug 22, 2023 · 9:16 AM
Share:
डुमरी उपचुनाव : आसान नहीं है डुमरी की डगर
Advertisement

रांची: डुमरी में उपचुनाव पूरा इसकी प्रक्रिया चल रही है. नामांकन कार्य संपन्न हो गया है.चुनाव में तस्वीर साफ हो गई है.किसके- किसके बीच मुकाबला है और कौन वोट कटुवा होगा,यह धीरे-धीरे स्पष्ट हो जाएगा. डुमरी विधानसभा में 5 सितंबर को चुनाव होगा और 8 सितंबर को मतगणना होगी.

उल्लेखनीय है की इस सीट पर उपचुनाव राज्य के शिक्षा मंत्री जगन्नाथ महतो के निधन हो जाने के बाद कराया जा रहा है. बता दें कि डुमरी विधानसभा उपचुनाव को लेकर झारखड़ की सियासी सरगर्मी तेज हो गई है.एक ओर जहां इंडिया (I.N.D.I.A) गठबंधन और एनडीए गठबंधन अपनी जीत का दावा कर रहे हैं, तो अब दूसरी ओर ओवैसी की पार्टी एआईएमआईएम भी अपना दावा मजबूती से पेश कर रही है.अब यह कहना भी गलत नहीं होगा कि एआईएमआईएम ने इस मुकाबले को त्रिकोणीय बना दिया है.
गौरतलब है कि इंडिया गठबंधन से राज्य की उत्पाद एवं मद्य निषेध मंत्री व स्वर्गीय जगन्नाथ महतो की पत्नी बेबी देवी और एनडीए की ओर से आजसू के केंद्रीय सचिव यशोदा देवी ने 17 अगस्त को डुमरी अनुमंडल कार्यालय में नामांकन पत्र दाखिल किया था. नामांकन पत्र दाखिल करने के बाद से ही एनडीए और इंडिया गठबंधन में जीत को लेकर दावे किए जा रहे हैं.
मीडिया से मुखातिब होते हुए इंडिया की उम्मीदवार बेबी महतो ने कहा कि वह कई मुद्दों को लेकर जनता के बीच जा रही हैं.लेकिन खास तौर पर अपने दिवंगत पति के अधूरे सपने को पूरा करेंगी.
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि स्वर्गीय जगन्नाथ महतो ने डुमरी विधानसभा क्षेत्र के लिए बहुत काम किए हैं और जनता बखूबी इसे जान रही है.जनता को अब मालूम है कि उन्हें किसको वोट देना है.

वहीं एनडीए की ओर से कहना है कि इस उपचुनाव में भ्रम, भय और भ्रष्टाचार प्रमुख मुद्दा रहेगा. साथ ही जनहित के कार्य किए जाएंगे. डुमरी की जनता सब जानती है तो डुमरी की जनता सोच समझकर फैसला करेगी.

आपको हम बता दें कि वर्ष 2019 के बाद राज्य में विधानसभा का यह पांचवां उपचुनाव होने जा रहा है.बता दें कि इसके पहले दुमका, मधुपुर, बेरमो और रामगढ़ में उपचुनाव हुए,और रामगढ़ में बीजेपी और आजसू ने साझा उम्मीदवार उतारा था और एनडीए की प्रत्याशी सुनीता चौधरी ने जीत हासिल की थी.वैसे भी रामगढ़ सीट पारंपरिक तौर पर आजसू की ही रही है.गौरतलब है कि जगरनाथ महतो की पत्नी की तरह ही हफीजुल अंसारी को भी चुनाव से पहले ही मंत्री बना दिया गया था.

Found this article helpful? Share it:

Share: