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दावोस में झारखंड की एक अलग पहचान बनेगी, जानिए कैसे

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Jan 07, 2026 · 8:21 PM
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दावोस में झारखंड की एक अलग पहचान बनेगी, जानिए कैसे
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न्यूज डेस्क : झारखंड को समृद्ध बनाने और वैश्विक पहचान दिलाने के लिए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन दावोस जा रहे हैं। यह पहला अवसर होगा, जब 19 से 23 जनवरी 2026 तक दावोस में आयोजित विश्व आर्थिक मंच (डब्ल्यूईएफ) की वार्षिक बैठक में झारखण्ड से “जोहार” की गूंज सुनाई देगी एवं एक आदिवासी जनप्रतिनिधि के रूप में मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन की उपस्थिति दर्ज होगी। झारखण्ड इसके जरिए क्रिटिकल मिनरल्स, खनन, इलेक्ट्रॉनिक्स एंड इलेक्ट्रॉनिक्स कंपोनेंट मैन्युफैक्चर, इलेक्ट्रॉनिक व्हीकल और ऑटोमोबाइल, अक्षय ऊर्जा, वस्त्र निर्माण, पर्यटन और वनोत्पाद जैसे क्षेत्रों में अपनी क्षमताओं और सरकार से मिलने वाले सहयोग की जानकारी साझा करने के प्रयासों को तेज करते हुए विजन 2050 की ओर कदम बढ़ा रहा है। यही वजह है कि इन कदमों को मजबूती देने, झारखण्ड को विश्व पटल पर लाने एवं देश में अग्रणी राज्यों में झारखण्ड को शामिल करने के लिए झारखण्ड का प्रतिनिधिमंडल स्विट्जरलैंड स्थित दावोस में आयोजित विश्व आर्थिक मंच (डब्ल्यूईएफ) की वार्षिक बैठक में शामिल होने जा रहा है। मुख्यमंत्री की दावोस यात्रा का उद्देश्य निवेश की संभावनाओं से लबरेज झारखण्ड को एक प्रमुख निवेश का गंतव्य के रूप में प्रस्तुत करना, वैश्विक उद्योग जगत के शीर्ष लोगों के साथ संवाद स्थापित करना और राज्य के फोकस एरिया में निवेश के नए अवसरों को आगे बढ़ाना है। इस दौरान बहुराष्ट्रीय कंपनियों के साथ निवेश के प्रस्तावों पर चर्चा तथा झारखण्ड की छवि को infinite opportunity state के रूप में प्रस्तुत करने पर विशेष फोकस रहेगा।

*देश का केंद्रीय प्रतिनिधिमंडल एवं अन्य राज्य भी हैं साथ*

इस बैठक में भारत की ओर से केंद्रीय प्रतिनिधिमंडल एवं अन्य राज्यों का प्रतिनिधिमंडल भी शामिल होगा। इस बैठक के लिए इंडिया पवेलियन में केंद्र सरकार द्वारा झारखण्ड समेत देश के छह राज्यों को चुना गया है। झारखण्ड *GROWTH IN HARMONY WITH NATURE* के थीम के साथ इस बैठक में मौजूद रहेगा। बैठक में अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भी शामिल हो सकते हैं, इसके अतिरिक्त दुनिया भर के करीब 130 देशों के लगभग 3,000 प्रतिनिधि दावोस 2026 में भाग लेंगे। विश्व आर्थिक मंच 2026 का विषय “ए स्पिरिट ऑफ डायलॉग” और “अनलॉकिंग न्यू सोर्सेस ऑफ ग्रोथ” रखा गया है, जिसके अंतर्गत वैश्विक अर्थव्यवस्था से जुड़े प्रमुख मुद्दों पर विचार-विमर्श किया जाएगा।

*क्या है विश्व आर्थिक शिखर सम्मेलन*

विश्व आर्थिक शिखर सम्मेलन को व्यापक रूप से सबसे प्रभावशाली वैश्विक मंचों में से एक माना जाता है। यह मंच विभिन्न देशों के प्रमुख, नीति निर्माताओं, उद्योगपतियों और वित्तीय संस्थानों को आर्थिक, तकनीकी, व्यापारिक और रणनीतिक मुद्दों पर विचार-विमर्श करने के लिए एक साथ लाता है। राज्य सरकार का मानना है कि इस मंच पर झारखण्ड की उपस्थिति वैश्विक उद्योगपतियों और निर्णयकर्ताओं के साथ सीधे संवाद स्थापित करने में सहायक होगी और इससे राज्य में आर्थिक विकास, भावी पीढ़ी को वैश्विक चुनौतियों को समझने एवं रोजगार सृजन को गति मिल सकती है। यह मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का बड़ा प्रयास है।

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