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BJP का आरोप – झारखंड में आदिवासी अस्मिता खतरे में,और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन असम में दोहरा चरित्र पेश कर रहे

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Mar 10, 2026 · 11:27 PM
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BJP का आरोप – झारखंड में आदिवासी अस्मिता खतरे में,और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन असम में दोहरा चरित्र पेश कर रहे
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न्यूज डेस्क : झारखंड मुक्ति मोर्चा के केंद्रीय अध्यक्ष और झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन असम में चुनावी मैदान तैयार करने में लगे हैं। खासकर चाय बागान क्षेत्र में रहने वाले प्रवासी झारखंड मजदूरों के मुद्दे को भुनाने का प्रयास कर रहे हैं।इधर, झामुमो के नेताओं का कहना है कि रीजनल पार्टी से आगे बढ़ कर राष्ट्रीय पार्टी का दर्जा और दूसरे राज्यों में मौजूदगी उपस्थित करानी है।पर, भाजपा को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के इस इरादे पर ऐतराज है।इसै मुख्यमंत्री का दोहरा चरित्र बताया जा रहा है।

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवम सांसद आदित्य साहू ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन द्वारा असम की एक जनसभा में दिए गए भाषण पर कड़ी प्रतिक्रिया दी।

आदित्य साहू ने कहा कि असम में आदिवासी हित ,अधिकार की बात करने वाले मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन झारखंड में उसका 10% भी जमीन पर उतार देते तो राज्य का भला हो जाता ।लेकिन इनकी कथनी और करनी में दोहरा चरित्र उजागर होता है।

उन्होंने कहा कि पिछले साढ़े 6 वर्षों में राज्य में सत्ता संभाल रहे मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को बताना चाहिए कि उन्होंने राज्य के आदिवासियों के लिए क्या किया? जल, जंगल जमीन की लूट पर क्या किया। आदिवासियों की सांस्कृतिक विरासत पर हो रहे लगातार हमले को रोकने केलिए क्या किया। ?

आदित्य साहू ने कहा कि दो दिन पहले देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद पर आसीन राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू जो झारखंड की नातिन हैं,जनजाति समाज की बेटी हैं,का पश्चिम बंगाल की धरती पर अपमान हुआ लेकिन हेमंत सोरेन ने एक छोटी प्रतिक्रिया भी नहीं दी। कहां गया आदिवासी समाज के सम्मान का दर्द। मौन के पीछे आखिर कौन सी राजनीतिक मजबूरी रही।

उन्होंने आगे कहा कि रोज रोज आदिवासी बहन बेटियों की इज्जत झारखंड की धरती पर लूटी जा रही है, होनहार आदिवासियों की हत्याएं हो रही हैं लेकिन राज्य सरकार लाचार विवश बैठी है। एक एफआईआर तक सामान्य तरीके से दर्ज नहीं होते। राज्य में पिछले वर्ष हूल दिवस पर सिदो कान्हो के वंशजों को पूजा करने से रोका गया।उसके पहले सिदो कान्हो के वंशज रामेश्वर मुर्मु की हत्या हुई । चाईबासा में 7 आदिवासियों का सिर धड़ से अलग कर दिया गया। रूपा तिर्की की हत्या हुई,एक दरोगा बेटी को कुचलकर मार दिया गया।लेकिन हेमंत सरकार अपराधियों पर लगाम नहीं लगा सकी। राज्य में आदिवासियों की जमीन को बांग्लादेशी रोहिंग्या घुसपैठिए कब्जा कर रहे और हेमंत सरकार घुसपैठियों का संरक्षण कर रही। राज्य के खनिज संसाधन,बालू,कोयला , पत्थर को राज्य सरकार दलाल बिचौलियों से लुटवाने में जुटी हुई है।

उन्होंने कहा कि पेसा कानून के नाम पर हेमंत सरकार ने एक्ट की मूल भावना को ही मिटा दिया। उसकी आत्मा ही मार दी। आज व्यापारी समाज को गाली देने वाले हेमंत सोरेन की पार्टी ने झारखंड की अस्मिता,आंदोलन का ही व्यापार कर दिया था। और सत्ता की भूख ऐसी है कि झारखंड आंदोलन को खरीदने,बोली लगाने वाले के साथ गलबहियां डालकर सत्ता सुख भोग रहे। यही है झामुमो की नैतिकता। जिस पार्टी ने आदिवासियों पर गोलियां चलाई ,लोगों को मरवाए वही पार्टी आज झारखंड की हितैषी हो गई और जिसने अलग राज्य का सपना साकार किया वह पार्टी इनकी नजरों में झारखंड विरोधी हो गई।उन्होंने कहा कि असम की जनता को दिग्भ्रमित करना बंद करें मुख्यमंत्री। जनता इनकी हकीकत जानती है।

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