PostNxt - Breaking News
Advertisement
Premium Placement

Grow Your Brand with PostNxt Media

Advertise Here

झारखंड शिक्षा विभाग में 75 करोड़ का “आधार स्कैम”: भाजपा 

postnext

postnext

Nov 20, 2025 · 6:28 PM
Share:
Promoted Story

Reach 5 Million Readers Monthly Across Our Networks

Place your business advertisement on India's fastest-growing news portal.

Get Media Kit

झारखंड शिक्षा विभाग में 75 करोड़ का “आधार स्कैम”: भाजपा

 

झारखंड भाजपा ने एक प्रेस वार्ता कर राज्य सरकार के शिक्षा विभाग पर गंभीर अनियमितताओं और भ्रष्टाचार के आरोप लगाए।

 

रांची: यह महत्वपूर्ण और चौकाने वाली ख़बर है।अजय साह ने कहा कि झारखंड में चौतरफा लूट खसोट मचा हुआ है।यह सरकार स्कूली बच्चों को भी लूट रही है।

प्रदेश प्रवक्ता अजय साह ने कहा कि पिछले दो वर्षों में शिक्षा विभाग और MKS एंटरप्राइज़ के गठजोड़ के चलते आधार कार्ड निर्माण से जुड़ा लगभग 75 करोड़ रुपये का बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है।

अजय साह ने बताया कि मार्च 2023 में स्कूली बच्चों के नए आधार एनरोलमेंट और बायोमेट्रिक अपडेट के लिए JEPC—जो शिक्षा विभाग के अधीन कार्य करता है—द्वारा एजेंसी चयन हेतु टेंडर जारी किया गया, जिसमें MKS एंटरप्राइज़ को नियुक्त किया गया। उन्होंने कहा कि टेंडर की मूल प्रति, एजेंसी को जारी वर्क ऑर्डर, JEPC निदेशक के तीन आधिकारिक पत्र, और RTI से प्राप्त सूचनाएँ स्पष्ट रूप से दिखाती हैं कि छात्रों से आधार एनरोलमेंट या बायोमेट्रिक अपडेट के लिए किसी भी प्रकार की फीस नहीं ली जानी थी। प्रति छात्र 50 रुपये का भुगतान भारत सरकार द्वारा JEPC को किया जाना था, जिसे आगे एजेंसी को दिया जाना था।

लेकिन इसके विपरीत, अजय साह ने डिजिटल लेन-देन के दस्तावेज दिखाते हुए दावा किया कि JEPC के संरक्षण में MKS एंटरप्राइज़ ने पिछले दो वर्षों में स्कूलों में व्यापक अवैध वसूली की। उन्होंने बताया कि 250 ब्लॉक रिसोर्स सेंटर्स में प्रतिदिन औसतन 2,000 रुपये की उगाही होती रही, और इसी आधार पर करीब 36 करोड़ रुपये छात्रों से गैरकानूनी रूप से वसूले गए। इतना ही नहीं, आधार एनरोलमेंट के नाम पर केंद्र सरकार से भी लगभग इतनी ही राशि ली गई। इसके अलावा एजेंसी ने राज्यभर के लगभग 500 “आधार सुपरवाइज़र” से ‘सिक्योरिटी मनी’ के नाम पर करीब 2.5 करोड़ रुपये की और वसूली की। इन सभी आंकड़ों को जोड़ने पर घोटाले की कुल राशि लगभग 75 करोड़ रुपये तक पहुँचती है।

अजय ने आगे आरोप लगाया कि JEPC और एजेंसी की मिलीभगत सिर्फ अवैध वसूली तक सीमित नहीं रही, बल्कि आधार सुपरवाइजर्स का खुला शोषण भी हुआ। नौकरी देने के नाम पर पहले 50–50 हजार रुपये वसूले गए, और जब सुपरवाइजर्स ने अपनी बकाया सैलरी की मांग की तो उन पर उल्टा लाखों रुपये का जुर्माना थोपकर उन्हें धमकाया गया। उन्होंने कहा कि MKS एंटरप्राइज़ बिहार और बंगाल में भी फर्जी आधार कार्ड बनाने की गतिविधियों में शामिल है और इसकी गहन जांच आवश्यक है। इसके अलावा यह मामला करोड़ों रुपये की मनी लॉन्ड्रिंग से भी जुड़ा हुआ है, जिसकी जांच अपरिहार्य है।

 

भाजपा ने इस पूरे प्रकरण की उच्च स्तरीय जांच, JEPC की भूमिका की स्वतंत्र जाँच और MKS एंटरप्राइज़ को तत्काल ब्लैकलिस्ट करने की मांग की है।

प्रेसवार्ता में युवा मोर्चा मीडिया प्रभारी प्रिंस कुमार उपस्थित थे।

Found this article helpful? Share it:

Share: