PostNxt - Breaking News
Advertisement
Premium Placement

Grow Your Brand with PostNxt Media

Advertise Here

लोकतंत्र के महापर्व में सभी की भागीदारी सुनिश्चित करने की कोशिश

postnxt

postnxt

Mar 27, 2024 · 8:12 PM
Share:
Promoted Story

Reach 5 Million Readers Monthly Across Our Networks

Place your business advertisement on India's fastest-growing news portal.

Get Media Kit

-बगैर किसी भेदभाव के निर्वाचन की प्रक्रिया में समान भागीदारी सबों का अधिकार

रांची – झारखंड में लोकसभा चुनाव की तैयारी जोर-शोर से चल रही है.मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय के द्वारा लगातार तैयारी की समीक्षा की जा रही है.सूबे के सभी दिव्यांग शारीरिक रूप से चुनौतीपूर्ण, पचासी वर्ष या उससे अधिक आयु वर्ग के मतदाता, गर्भवती महिलाओं एवं छोटे शिशुओं की माताओं को भी अन्य नागरिकों की तरह समान वैधानिक अधिकार प्राप्त है.चुनाव की प्रक्रिया इन्हें लोकतंत्र में समान रूप से अपनी भागीदारी निभाने का अवसर प्रदान करती है.अतएव इनके लिए अनिवार्यरूपेण हरेक मतदान केन्द्र पर सुलभ मतदान की व्यवस्था रखी जाए.मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के रविकुमार ने आज निर्वाचन सदन सभागार में सभी जिलों से आए सभी समाज कल्याण पदाधिकारी एवं सहायक निदेशक, सामाजिक सुरक्षा के लिए ‘‘अपवर्जित समूहों के लिए सुगम मतदान’’विषयक प्रशिक्षण सत्र को संबोधित कर रहे थे.

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के रविकुमार ने कहा कि देश की लोकतांत्रिक प्रक्रिया में ऐसे नागरिकों को समान भागीदारी के लिए ‘भारत के संविधान’ का अनुच्छेद – 326, दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम – 2016, निर्वाचन संचालन नियमावली के नियम 49 एन के क्रम में भारत निर्वाचन आयोग के द्वारा स्पष्ट दिशानिर्देश जारी किए गए हैं.इसके अलावे मतदान प्रक्रिया में इनकी सुविधा के लिए डिजिटल तकनीकों के प्रयोग पर भी बल दिया गया है. सभी जिला समाज कल्याण पदाधिकारी इसके लिए नोडल ऑफिसर बनाए गए हैं.

उल्लेखनीय है कि अपवर्जित समूहों के ऐसे मतदाता जो मतदान केन्द्र तक स्वयं आने-जाने में अक्षम हों, उन्हें मतदान केन्द्र पर आने-जाने की स्थानीय व्यवस्था के साथ-साथ मतदान केन्द्र में शेड, कुर्सी-बेंच, व्हील चेयर, स्वयंसेवकों की व्यवस्था पर विशेष ध्यान रखा जाना है.साथ ही यदि अपवर्जित समूह के कोई मतदाता जो चुनाव सिंबल खुद नहीं पहचान पाएं वहां मतदान केन्द्र के पीठासीन पदाधिकारी उन्हें सहायक के रूप में 18 वर्ष से कम आयु के किसी किशोर को वोटिंग हेतु साथ लिए जाने की अनुमति दे सकेंगे.

प्रशिक्षण सत्र में निःशक्तता आयुक्त अभय नंदन अम्बष्ठ ने निःशक्तता आयोग द्वारा मतदाता के लिए किये जा रहे कार्यों के बारे में बताया.अपर मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी नेहा अरोड़ा द्वारा मतदाता सूची एवं मतदान के बारे में बताया गया.उन्होंने बूथ अवेयरनेस ग्रुप, स्वीप कार्यक्रम, अच्छे कार्यों के लिए बीएलओ को सम्मानित करने आदि विषयों पर विस्तृत रूप से प्रकाश डाला. निदेशक समाज कल्याण विभाग शशि प्रकाश झा द्वारा मतदान केंद्रों पर न्यूनतम सुविधा में पेयजल, बिजली, हेल्प.डेस्क, पोस्टर.साईनेज, रैंप, दिव्यांगजनों के लिए वॉलेंटियर की उपलब्धता के साथ-साथ मतदान केंद्रों पर बीएलओ की सहायता के लिए चयनित स्वयं सेवकों के प्रशिक्षण की जानकारी साझा की.मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय की ओएसडी गीता चौबे द्वारा मतदान केंद्रों पर सुनिश्चित न्यूनतम सुविधाओं को उपलब्ध कराने एवं दिव्यांग/वयोवृद्ध मतदाताओं के लिए यातायात की सुविधा, वोलेंटियर्स एवं मेडिकल किट आदि विषयों पर विस्तृत रूप से चर्चा की. उप निर्वाचन पदाधिकारी मुख्यालय संजय कुमार द्वारा सोशल मीडिया, सक्षम ऐप, निःशक्तता के लिए सोशल मीडिया के बारे में बिंदुबार जानकारी साझा की गयी.

प्रशिक्षण सत्र में मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय द्वारा बूथों पर न्यूनतम सुविधा उपलब्ध कराने संबंधित कराये गए राज्य स्तरीय सोशल ऑडिट सर्वे के समन्वयक श्री हलदार महतो ने इस सर्वे में प्राप्त महत्वपूर्ण विषयों पर बिंदुबार चर्चा की. साथ ही निःशक्तता के क्षेत्र में कार्य कर रहे स्वयं सेवी ग्रुप साईट सेवर्स की सपना सुरीन द्वारा मतदान के दौरान दिव्यांग मतदाताओं को आनेवाली संभावित कठिनाईयों एवं स्थानीय तौर पर उनके त्वरित निराकरण के संबंध में चर्चा की.

Found this article helpful? Share it:

Share: