झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने पैरामेडिकल छात्रों की समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए अधिकारियों को जल्द समाधान करने का निर्देश दिया है। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग का हर कर्मचारी, डॉक्टर, नर्स, पैरामेडिकल स्टाफ और छात्र उनके परिवार की तरह है। किसी भी छात्र या स्वास्थ्यकर्मी को अपनी समस्याओं को लेकर चिंता करने की जरूरत नहीं है।
रांची में मंत्री के पहुंचने के दौरान पैरामेडिकल छात्र अपनी मांगों को लेकर धरना दे रहे थे। यह देखकर डॉ. इरफान अंसारी खुद छात्रों के बीच पहुंचे। उन्होंने छात्रों से कहा कि बारिश में सड़क पर बैठने के बजाय कार्यालय में आकर अपनी बात रखें। इसके बाद उन्होंने सभी छात्र प्रतिनिधियों को अपने कार्यालय बुलाया, उनकी बातें ध्यान से सुनीं और उनकी समस्याओं के समाधान का भरोसा दिया।
बैठक में झारखंड पैरामेडिकल स्टाफ्स एसोसिएशन ने एमजीएम मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल, जमशेदपुर के नए पैरामेडिकल छात्रों के लिए छात्रावास की व्यवस्था करने की मांग रखी। इस पर स्वास्थ्य मंत्री ने तुरंत अधिकारियों को निर्देश दिया कि एक सप्ताह के अंदर छात्रावास की व्यवस्था को लेकर रिपोर्ट तैयार कर पेश की जाए। उन्होंने एमजीएम मेडिकल कॉलेज के अधिकारियों से भी जल्द प्रस्ताव भेजने को कहा, ताकि छात्रों को जल्द सुविधा मिल सके।
डॉ. इरफान अंसारी ने स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को भी निर्देश दिया कि पैरामेडिकल छात्रों की मांगों पर जल्द बैठक कर स्थायी समाधान निकाला जाए। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार स्वास्थ्य शिक्षा और छात्रों की सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
बैठक के बाद छात्रों और पैरामेडिकल स्टाफ ने स्वास्थ्य मंत्री का धन्यवाद किया। उनका कहना था कि मंत्री ने उनकी बात गंभीरता से सुनी और समस्याओं के समाधान का भरोसा दिया। छात्रों ने उम्मीद जताई कि सरकार जल्द उनकी मांगों पर कार्रवाई करेगी।


