
संसद के मानसून सत्र का माहौल लगातार गर्म बना हुआ है। गुरुवार को भी सदन में कई मुद्दों को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस देखने को मिली। सबसे ज्यादा चर्चा पेपर लीक मामलों, छात्रों के प्रदर्शन और सरकार की जवाबदेही को लेकर हुई।
राज्यसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने छात्रों से जुड़े मुद्दों को उठाते हुए सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि छात्रों की समस्याओं पर प्रधानमंत्री और गृह मंत्री को जवाब देना चाहिए। खरगे ने कहा कि अगर छात्रों की आवाज नहीं सुनी गई तो युवा अपनी ताकत से जवाब देंगे।
वहीं, सरकार की ओर से केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने एंटी पेपर लीक बिल 2026 पर चर्चा करते हुए कहा कि परीक्षा में गड़बड़ी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जरूरी है। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वालों पर रोक लगाना है।
पेपर लीक रोकने के लिए नया कानून, विपक्ष ने उठाए सवाल
राज्यसभा में पेश किए गए सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक 2026 पर कई घंटे चर्चा हुई। सरकार का कहना है कि नए प्रावधानों से पेपर लीक और परीक्षा में धोखाधड़ी करने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जा सकेगी।
हालांकि विपक्ष ने सवाल उठाया कि सिर्फ सजा बढ़ाने से समस्या खत्म नहीं होगी। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि सरकार को परीक्षा व्यवस्था को मजबूत करना होगा ताकि पेपर लीक जैसी घटनाएं दोबारा न हों।
छात्रों के प्रदर्शन को लेकर संसद में हंगामा
छात्रों के विरोध प्रदर्शन और कथित पुलिस कार्रवाई को लेकर विपक्ष ने संसद में सरकार से जवाब मांगा। विपक्षी सांसदों ने गृह मंत्री से सदन में बयान देने की मांग की, जिसके बाद हंगामा बढ़ गया और कुछ सांसदों ने विरोध जताते हुए सदन से वॉकआउट भी किया।
दूसरी ओर, भाजपा नेताओं ने विपक्ष पर संसद की कार्यवाही बाधित करने का आरोप लगाया। केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने कहा कि सरकार हर मुद्दे पर चर्चा के लिए तैयार है, लेकिन विपक्ष लगातार सदन की कार्रवाई रोक रहा है।
वंदे मातरम और राष्ट्रीय सम्मान से जुड़ा विधेयक भी चर्चा में
संसद में राष्ट्रीय सम्मान से जुड़े कानून में संशोधन का मुद्दा भी सामने आया। गृह मंत्री अमित शाह लोकसभा में इससे संबंधित विधेयक पेश करने वाले हैं, जिसमें राष्ट्रीय प्रतीकों के सम्मान और अपमान से जुड़े प्रावधानों पर चर्चा होगी।
फिलहाल संसद का मानसून सत्र राजनीतिक बहस, आरोप-प्रत्यारोप और महत्वपूर्ण विधेयकों की चर्चा के कारण सुर्खियों में बना हुआ है। आने वाले दिनों में भी कई बड़े मुद्दों पर सरकार और विपक्ष के बीच टकराव देखने को मिल सकता है।

