संसद के मानसून सत्र के दौरान राज्यसभा ने ‘राष्ट्रीय सम्मान के अपमान की रोकथाम (संशोधन) विधेयक, 2026’ को मंजूरी दे दी है। इस विधेयक के पारित होने के साथ ही ‘वंदे मातरम्’ के सम्मान से जुड़े प्रावधानों को कानूनी संरक्षण मिलने का रास्ता साफ हो गया है। सरकार का कहना है कि इस संशोधन का उद्देश्य देश के राष्ट्रीय सम्मान और सांस्कृतिक विरासत से जुड़े प्रतीकों की गरिमा बनाए रखना है। नए प्रावधानों के लागू होने के बाद यदि कोई व्यक्ति कानून के दायरे में आने वाले तरीके से ‘वंदे मातरम्’ का अपमान करता है, तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकेगी। यह संशोधन ‘राष्ट्रीय सम्मान के अपमान की रोकथाम अधिनियम’ में बदलाव के रूप में लाया गया है। सरकार का मानना है कि राष्ट्रीय प्रतीकों और राष्ट्रभावना से जुड़े महत्वपूर्ण शब्दों और गीतों के सम्मान की रक्षा के लिए कानूनी प्रावधानों को और स्पष्ट एवं प्रभावी बनाना आवश्यक है। राज्यसभा में विधेयक पारित होने के दौरान इस विषय पर चर्चा भी हुई। सरकार ने इसे राष्ट्रीय सम्मान से जुड़ा महत्वपूर्ण कदम बताया, जबकि विभिन्न सदस्यों ने भी अपने-अपने विचार सदन के सामने रखे। अब विधेयक के आगे की संवैधानिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद यह कानून के रूप में लागू हो सकेगा। इसके बाद संबंधित प्रावधानों के अनुसार कार्रवाई की व्यवस्था प्रभावी होगी।

यह विधेयक ऐसे समय में पारित हुआ है जब राष्ट्रीय प्रतीकों और राष्ट्रीय गौरव से जुड़े मुद्दों पर लगातार चर्चा हो रही है। सरकार का कहना है कि इस कदम का उद्देश्य किसी की अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को सीमित करना नहीं, बल्कि राष्ट्रीय सम्मान की रक्षा के लिए कानूनी ढांचे को मजबूत करना है।

