
आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने E20 पेट्रोल को लेकर केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार पर बड़ा हमला बोला है। गोवा दौरे के दौरान केजरीवाल ने दावा किया कि अगर आगामी चुनाव में गोवा और उत्तर प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी को हार का सामना करना पड़ता है, तो केंद्र सरकार पांच दिनों के भीतर पूरे देश से E20 पेट्रोल वापस ले सकती है।
केजरीवाल ने लोगों से E20 पेट्रोल के खिलाफ आवाज उठाने और भाजपा को चुनाव में हराने की अपील की। उन्होंने दावा किया कि E20 पेट्रोल के इस्तेमाल से बड़ी संख्या में वाहन मालिकों को माइलेज कम होने और इंजन से जुड़ी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
E20 पेट्रोल से माइलेज घटने का दावा
अरविंद केजरीवाल ने कहा कि गोवा में बड़ी संख्या में लोग दोपहिया और चारपहिया वाहनों का इस्तेमाल करते हैं। इसलिए E20 पेट्रोल का असर यहां ज्यादा दिखाई देता है।
उन्होंने दावा किया कि E20 के कारण कई वाहनों की माइलेज 25 से 30 प्रतिशत तक कम हुई है। साथ ही उन्होंने इंजन, फ्यूल सिस्टम और वाहन के टैंक से जुड़ी समस्याओं का भी जिक्र किया।
हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि इस खबर में नहीं की गई है।
सरकार पर जल्दबाजी में E20 लागू करने का आरोप
केजरीवाल ने कहा कि दूसरे देशों ने पेट्रोल में इथेनॉल मिलाने की प्रक्रिया को लंबे समय में लागू किया। उन्होंने ब्राजील का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां इथेनॉल मिश्रण को बढ़ाने में कई दशक लगे।
उनका आरोप है कि भारत में E20 लागू करने के लिए बहुत कम समय दिया गया। केजरीवाल ने दावा किया कि 2022 में सरकार ने 2025 तक E20 लागू करने का लक्ष्य रखा था, जबकि इतनी तेजी से बदलाव करने से पुराने वाहनों के मालिकों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं।
पुराने वाहनों को लेकर जताई चिंता
AAP नेता ने दावा किया कि 2023 से पहले के करीब 30 करोड़ वाहन E20 के बजाय E10 के लिए डिजाइन किए गए थे। उनके मुताबिक ऐसे वाहनों पर E20 के इस्तेमाल को लेकर वाहन मालिकों में चिंता बनी हुई है।
केजरीवाल ने सरकार से E20 के बाद E40, E50 और E60 जैसे उच्च इथेनॉल मिश्रण की योजनाओं को लेकर भी स्थिति स्पष्ट करने की मांग की।
अमेरिका को लेकर भी केंद्र सरकार पर निशाना
केजरीवाल ने E20 नीति को लेकर अमेरिका का भी जिक्र किया। उन्होंने दावा किया कि अमेरिका पर इथेनॉल का इस्तेमाल बढ़ाने का दबाव है और भारत पर भी इथेनॉल मिश्रण बढ़ाने के लिए दबाव बनाया गया।
उन्होंने केंद्र सरकार पर अमेरिकी हितों के दबाव में E20 लागू करने का आरोप लगाया। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
लोगों से पेट्रोल-डीजल वाहन खरीदने पर भी की अपील
अरविंद केजरीवाल ने लोगों से फिलहाल पेट्रोल और डीजल वाहन खरीदने से बचने की अपील की। उन्होंने कहा कि जब तक सरकार E20 और भविष्य में प्रस्तावित उच्च इथेनॉल मिश्रण को लेकर स्पष्ट नीति नहीं बताती, तब तक लोग इलेक्ट्रिक वाहनों पर विचार कर सकते हैं।
केजरीवाल ने यह भी दावा किया कि E20 के खिलाफ उनकी ओर से आयोजित ऑनलाइन अभियान में बड़ी संख्या में लोगों ने हिस्सा लिया था और लाखों लोगों ने इससे संबंधित याचिका पर हस्ताक्षर किए।
चुनाव से जोड़ा E20 का मुद्दा
केजरीवाल ने E20 पेट्रोल के मुद्दे को सीधे आगामी चुनावों से जोड़ दिया। उन्होंने गोवा और उत्तर प्रदेश के मतदाताओं से भाजपा को हराने की अपील करते हुए कहा कि अगर भाजपा को दोनों राज्यों में हार मिलती है, तो चुनाव परिणाम आने के पांच दिनों के भीतर E20 को वापस लिया जा सकता है।
उन्होंने लोगों से आम आदमी पार्टी को वोट देने की अपील भी की और दावा किया कि पार्टी सत्ता में आने पर E20 को वापस लेने की दिशा में कदम उठाएगी।
E20 पेट्रोल को लेकर केंद्र सरकार की नीति और अरविंद केजरीवाल के दावों के बीच राजनीतिक बहस तेज होने की संभावना है। अब देखना होगा कि सरकार इन आरोपों पर क्या जवाब देती है और E20 को लेकर आगे की नीति क्या रहती है।

