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संसद मानसून सत्र 2026: राम मंदिर चंदा विवाद से लेकर NEET मुद्दे तक गरमाया सदन, विपक्ष ने उठाए कई अहम सवाल

@karishma

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Aug 03, 2026 · 11:07 AM
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संसद मानसून सत्र 2026: राम मंदिर चंदा विवाद से लेकर NEET मुद्दे तक गरमाया सदन, विपक्ष ने उठाए कई अहम सवाल
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संसद के मानसून सत्र का तीसरा सप्ताह राजनीतिक रूप से काफी अहम माना जा रहा है। पिछले दो सप्ताह तक NEET पेपर लीक का मामला सदन में प्रमुख मुद्दा बना रहा, वहीं अब विपक्ष ने कई नए विषयों को लेकर सरकार को घेरने की रणनीति अपनाई है। सोमवार को राज्यसभा और लोकसभा की कार्यवाही शुरू होने से पहले ही विपक्षी दलों ने अलग-अलग मुद्दों पर नोटिस देकर व्यापक चर्चा की मांग की।

कांग्रेस ने राज्यसभा में राम मंदिर चंदा विवाद को लेकर नियम 267 के तहत कार्य स्थगन नोटिस दिया। पार्टी का कहना है कि इस मामले से जुड़े सभी तथ्यों पर सदन में खुलकर चर्चा होनी चाहिए ताकि जनता के सामने पूरी स्थिति स्पष्ट हो सके। विपक्ष का मानना है कि इस विषय पर सरकार को अपना पक्ष रखना चाहिए और यदि कोई सवाल उठ रहे हैं तो उनका जवाब संसद के माध्यम से दिया जाना चाहिए।

इसी दौरान कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने दल-बदल विरोधी कानून यानी एंटी-डिफेक्शन लॉ पर भी चर्चा की मांग की। उन्होंने स्थगन प्रस्ताव के जरिए अनुरोध किया कि प्रश्नकाल और अन्य निर्धारित कार्यों को रोककर इस महत्वपूर्ण संवैधानिक विषय पर विस्तृत बहस कराई जाए। उनका कहना है कि बदलते राजनीतिक परिदृश्य में इस कानून की प्रभावशीलता और उसके क्रियान्वयन पर गंभीर समीक्षा की आवश्यकता है।

दूसरी ओर, तृणमूल कांग्रेस की सांसद सागरिका घोष ने NEET परीक्षा विवाद को लेकर केंद्र सरकार पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि परीक्षा से जुड़े घटनाक्रम और छात्रों के विरोध प्रदर्शन को जिस तरह संभाला गया, उस पर सरकार को संसद में स्पष्ट जवाब देना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि छात्रों की चिंताओं को गंभीरता से लिया जाना चाहिए और संबंधित मामलों पर पारदर्शी जानकारी सार्वजनिक की जानी चाहिए।

गौरतलब है कि मानसून सत्र के शुरुआती चरण में NEET पेपर लीक सबसे बड़ा राजनीतिक मुद्दा रहा। सरकार और विपक्ष के बीच लंबी बहस के बाद परीक्षा प्रणाली को अधिक सुरक्षित बनाने से जुड़े कानून में संशोधन को संसद के दोनों सदनों से मंजूरी मिल चुकी है। अब विपक्ष अन्य महत्वपूर्ण विषयों को लेकर सरकार को घेरने की कोशिश कर रहा है, जबकि सरकार आगामी विधायी कार्यों को आगे बढ़ाने की तैयारी में है।

आने वाले दिनों में संसद की कार्यवाही और अधिक महत्वपूर्ण रहने की संभावना है। विभिन्न राजनीतिक दलों द्वारा उठाए जा रहे मुद्दों के चलते सदन में तीखी बहस देखने को मिल सकती है। ऐसे में यह देखना दिलचस्प होगा कि सरकार विपक्ष की मांगों पर क्या रुख अपनाती है और किन विषयों पर विस्तृत चर्चा के लिए सहमति बनती है।

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