नई दिल्ली/रांची: झारखंड में छात्र आंदोलन से जुड़ा मुद्दा गरमाया हुआ है। हेमंत सरकार ने छात्रों के आंदोलन के दबाव में आकर 11-13 वीं JPSC सिविल सेवा परीक्षा को रद्द कर दिया। इसके अलावा JPSC – JSSC CGL की परीक्षा और उसके रिजल्ट को रद्द कर दिया। इन नियुक्तियों को सरकार की एजेंसी CID जांच रही है। सरकार ने कुल 45 परीक्षाओं की जांच का निर्देश दिया है। कुछ परीक्षाएं रघुबर सरकार के समय की हैं। 
SC यानी सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दायर की गई जिसमें JPSC -JSSC की परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी की CBI जांच की मांग की गई है। सरकार की ओर से इस पक्ष रखा गया है। सुप्रीम कोर्ट से यह आग्रह किया गया है कि CID निष्पक्ष तरीके से जांच नहीं कर सकेगी। इसके अलावा यह तर्क दिया गया है कि इसका दायरा बड़ा है। उसकी जांच CBI हो कर सकती है।
सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश यानी चीफ जस्टिस सूर्य कांत की पीठ में इसकी सुनवाई हुई। इस पर SC ने राज्य सरकार और JPSC -JSSC को नोटिस जारी किया है। इन्हें जवाब देना है।

