न्यूज डेस्क: दिल्ली में हंगामा बरपा हुआ है।आज दिल्ली के जंतर-मंतर पर संसद मार्च को लेकर बड़ी भीड़ जुटी। इस आंदोलन में छात्रों, युवाओं, सांसदों और कई फिल्मी सितारों ने हिस्सा लिया। सांसद चंद्रशेखर आजाद ने कहा, “सरकार अपना काम करे, हम अपना फर्ज निभाएंगे।” अभिनेत्री शबाना आजमी और अभिनेता प्रकाश राज भी प्रदर्शन में पहुंचे। सोनम वांगचुक की पत्नी ने सभी से शांतिपूर्ण आंदोलन की अपील की। सुरक्षा के लिए 5,000 से ज्यादा जवान तैनात किए गए और कई मेट्रो स्टेशन बंद कर दिए गए। प्रदर्शनकारी शिक्षा से जुड़े मुद्दों पर अपनी आवाज उठाने पहुंचे हैं। अब सबकी नजर इस बात पर है कि सरकार क्या फैसला लेती है।
जंतर-मंतर पर जुटे हजारों लोग, चंद्रशेखर आजाद और फिल्मी सितारों ने दिया समर्थन
शिक्षा के मुद्दे पर शुरू हुए आंदोलन में बढ़ी भीड़, सुरक्षा के कड़े इंतजाम; सरकार से बातचीत की मांग तेज: संसद के मानसून सत्र की शुरुआत के साथ ही सोमवार को दिल्ली के जंतर-मंतर पर बड़ी संख्या में लोग संसद मार्च के लिए जुटे। यह प्रदर्शन शिक्षा से जुड़े मुद्दों और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर किया जा रहा है। आंदोलन का नेतृत्व सीजेपी कर रही है, जबकि सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने पहले ही इस मार्च का आह्वान किया था। उनका कहना है कि सरकार यदि मांगों पर सकारात्मक फैसला लेती है, तो वे अपना अनशन समाप्त करने पर विचार करेंगे। प्रदर्शन में सांसद चंद्रशेखर आजाद भी शामिल हुए। उन्होंने कहा कि युवाओं के साथ न्याय होना चाहिए और उनकी आवाज संसद से लेकर सड़क तक उठाई जाएगी। उनके मुताबिक, सरकार अपना काम कर रही है और वे जनता के प्रति अपना कर्तव्य निभाने के लिए आंदोलन में पहुंचे हैं। जंतर-मंतर पर अभिनेत्री शबाना आजमी और अभिनेता प्रकाश राज ने भी प्रदर्शनकारियों का समर्थन किया। शबाना आजमी ने कहा कि लोकतंत्र में शांतिपूर्ण विरोध हर नागरिक का अधिकार है और आंदोलन पूरी तरह अहिंसक रहना चाहिए। वहीं, सोनम वांगचुक की पत्नी डॉ. गीतांजलि आंग्मो ने भी लोगों से शांति बनाए रखने और केवल शिक्षा के मुद्दे पर ध्यान केंद्रित करने की अपील की।
सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर और आसपास के इलाकों में 5,000 से अधिक पुलिसकर्मी और अर्धसैनिक बलों की तैनाती की है। राजीव चौक, जनपथ, पटेल चौक, केंद्रीय सचिवालय और सेवा तीर्थ समेत कई मेट्रो स्टेशनों पर एंट्री और एग्जिट अस्थायी रूप से बंद कर दिए गए हैं। प्रशासन ने संसद तक मार्च की अनुमति नहीं दी है और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पूरे इलाके में कड़ी निगरानी रखी जा रही है। आंदोलन को लेकर सरकार और प्रदर्शनकारियों के बीच बातचीत की संभावना भी बनी हुई है। अब सभी की नजर इस बात पर है कि सरकार इस आंदोलन और उठाई गई मांगों पर क्या निर्णय लेती है।
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