रांची: विकसित भारत बनाना एक संकल्प है। इस संकल्प को पूरा करने में सभी देशवासियों को अपनी – अपनी भूमिका निभानी होगी।सरला बिरला विश्वविद्यालय में “विजन 2047: विकसित भारत की संकल्पना एवं रोडमैप” विषय पर विशेषज्ञ व्याख्यान का आयोजन किया गया। भारत सरकार के पूर्व केंद्रीय राज्य मंत्री (वित्त एवं नागर विमानन) जयंत सिन्हा इस अवसर पर बतौर मुख्य अतिथि उपस्थित रहे।
अपने संबोधन में जयंत सिन्हा ने विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को साकार करने के लिए आर्थिक विकास के साथ सतत विकास, रोजगार सृजन, मानव पूंजी, तकनीकी उन्नति और समावेशी संस्थानों के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने पारंपरिक “फार्म टू फैक्ट्री” मॉडल से आगे बढ़कर “ग्रीन फ्रंटियर डेवलपमेंट मॉडल” अपनाने की आवश्यकता बताई तथा पीपल, एनर्जी और टेक्नोलॉजी को विकास का तीन प्रमुख स्तंभ बताया। उन्होंने युवाओं के कौशल एवं रोजगार, स्वच्छ ऊर्जा, एआई, डिजिटल अवसंरचना, अनुसंधान और संस्थागत सुधारों में निवेश को भारत की दीर्घकालिक प्रगति के लिए महत्वपूर्ण करार दिया। श्री सिन्हा ने युवाओं और अकादमिक समुदाय से जनकल्याण, नैतिकता, सेवा भावना और सामूहिक प्रगति को प्राथमिकता देने का आह्वान किया।
कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के महानिदेशक प्रो. गोपाल पाठक, कुलपति प्रो. सी. जगनाथन, कुलसचिव प्रो. एस. बी. दंडीन, विभिन्न संकायों के डीन, विभागाध्यक्ष, शिक्षक, शिक्षाकेत्तर कर्मचारी एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे।वर्ष 2047 तक एक समृद्ध, समावेशी, सतत और वैश्विक रूप से प्रतिस्पर्धी भारत के निर्माण की दिशा में आवश्यक प्रयासों और अवसरों की समझ प्रदान करते इस एक्सपर्ट टॉक के आयोजन पर विवि के प्रतिकुलाधिपति बिजय कुमार दलान एवं राज्यसभा सांसद सह निदेशक, प्लानिंग एंड डेवलपमेंट डॉ प्रदीप कुमार वर्मा ने हर्ष व्यक्त किया है।

