न्यूज डेस्क: नेपाल में ऐसी तबाही वाली बाढ़ आई कि इसने सबको चौंका दिया। भयंकर बाढ़ में सैकड़ों लोग मारे गए हैं। इनमें भारतीय भी हैं। मरने वालों की संख्या अभी और बढ़ने वाली है।राहत और बचाव कार्य जारी है।भारत की ओर से बड़े स्तर पर राहत सामग्री भेजी जा रही है।, कई खेप राहत सामग्री भेजी गई है। नेपाल सरकार की ओर से राहत और बचाव कार्य किया जा रहा है। बहुत सारे भारतीय घटनास्थल के आसपास फंसे हुए हैं। 
ताज़ा जानकारी के अनुसार चीन की तरफ करीब 400 भारतीय नागरिक सुरक्षित हैं।उन्हें भी वहां से निकालने के प्रयास किए जा रहे हैं। कई उपाय किए जा रहे हैं।
विदेश मंत्रालय के हवाले से हम बता दें कि नेपाल में आई विनाशकारी बाढ़ में कम से कम 552 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 1,500 से अधिक लोग लापता हैं। नेपाल के आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। MEA ने कहा कि लगभग 320 भारतीय और 100 भारतीय मूल के लोगों से अभी भी संपर्क नहीं हो पा रहा है। उनका पता लगाया जा रहा है।
भारत के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने मीडिया को बताया कि चीन की तरफ करीब 400 भारतीय नागरिक मौजूद हैं और फिलहाल सभी सुरक्षित हैं। फैमिली से उनका संपर्क हुआ है।दूतावास भी इन लोगों के लगातार संपर्क में है। उधर,चीन में मौजूद भारतीयों के परिवारों ने भी दूतावास की ओर से चलाए जा रहे हेल्पलाइन नंबरों के जरिए संपर्क किया है। दूतावास चीन के स्थानीय अधिकारियों के साथ बातचीत कर रहा है, ताकि वहां फंसे भारतीय नागरिकों को सुरक्षित तरीके से निकाला जा सके।
चीन की तरफ से 96 भारतीय नेपाल पहुंचे
रणधीर जायसवाल ने बताया कि चीन की तरफ फंसे 96 भारतीय नागरिक सुरक्षित तरीके से जमीन के रास्ते नेपाल पहुंच गए हैं। अब उन्हें भी वहां से निकालने की कोशिश की जा रही है। भारतीय अधिकारी इन लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने और आगे की यात्रा में मदद करने के लिए काम कर रहे हैं।
प्रभावित स्थल पर स्थिति विकट है।नेपाल में फंसे भारतीयों को लेकर चिंता अभी बनी हुई है। विदेश मंत्रालय के मुताबिक, इस समय करीब 320 भारतीय नागरिकों से संपर्क नहीं हो पा रहा है या वे लापता बताए जा रहे हैं।
भारत का विदेश मंत्रालय चौबीसों घंटे नेपाल के दूतावास से संपर्क में है।यह भी बताया कि करीब 100 भारतीय मूल के लोग अभी संपर्क से बाहर हैं। ये लोग संभवत: कैलाश मानसरोवर यात्रा के लिए गए थे, लेकिन इनके पास दूसरी देशों की नागरिकता है। नेपाल को तुरंत राहत सामग्री पहुंचाई गई। और भेजी जा रही है।
नेपाल की बाढ़ का प्रभाव बिहार के उत्तरी भाग पर पड़ा है। कई नदियों में उफान है। गंडक नदी का जलस्तर बढ़ा हुआ है। इस कारण गंडक बैराज के 36 फाटक खोले गए हैं। बिहार सरकार के कई विभाग समन्वय बनाकर काम कर रहे हैं।

