न्यूज़ डेस्क : जी हां,अक्टूबर का महीना समाप्त होने वाला है और अब नवंबर आने ही वाला है तो कई चीज बदल जाएंगी। इसको लेकर सभी को जानकारी होनी चाहिए।इसलिए हम कुछ जानकारी आपको देना चाहते हैं। इसे महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इन बदलाव का सीधा असर जो है वो आम आदमी से लेकर टैक्स पेयर्स हो या बिजनेसमैन हो या फिर पेंशनर्स हों, उन सब के लिए महत्वपूर्ण है।
नवंबर महीने से जहां एक तरफ घरेलू एलपीजी की नई कीमतों की जाएगी।समीक्षा की जाएगी।
बुजुर्ग जो पेंशनर्स हैं,पेंशन भोगी हैं, उन्हें अपने जीवित होने का प्रमाण पत्र देना होगा।इसी महीने उन्हें यह काम भी करना है कि वह अभी जिंदा है इसलिए उन्हें पेंशन मिलनी चाहिए। यह एक सर्टिफिकेट के माध्यम से जमा करना होगा विभाग में भी और जिस विभाग से वे रिटायर हुए हैं और फिर अपने बैंक को भी इसकी जानकारी देनी होगी।
1 नवंबर से जीवन और आपकी जीवन शैली से जुड़े मोटे तौर पर आधे दर्जन बदलाव होने वाले हैं। पहले बदलाव तो यह होने वाला है कि जो पेंशन पाने वाले बुजुर्ग लोग हैं उन्हें लाइफ सर्टिफिकेट यानी अपने जीवित होने का प्रमाण पत्र जमा करना होगा। यह हर साल यह काम होता है।इसे बैंक या डिजिटल माध्यम से आप जमा कर सकते हैं 30 नवंबर तक आपको इसके बारे में सर्टिफिकेट दे देना है।
इसके अलावा जो महत्वपूर्ण बात है, वह है कि अब टेलीकॉम सेक्टर में बड़े महत्वपूर्ण बदलाव हुए हैं। 1 नवंबर से टेलीकॉम सेक्टर में ऐसा बदलाव है जो आपको सहूलियत प्रदान करेगा। 4G और 5G नेटवर्क पर CNAP सेवा लागू करने का निर्देश दिया गया है जिससे मोबाइल उपभोक्ता को बहुत सहूलियत होगी। कॉल करने वाले का नाम स्क्रीन पर दिखाई देगा।इसे फर्जी कॉल से या वैसे लोगों से जिनसे आप बात करना नहीं चाहते हैं,आप उन्हें डिक्लाइन कर सकते हैं, क्या रिजेक्ट कर सकते।
चलिए टैक्स पेयर्स के बारे में बात करते हैं। जो टैक्स का भुगतान करते हैं। जिन टैक्सपेयर के खातों का टैक्स ऑडिट होना अनिवार्य होता है,उनके लिए वित्तीय वर्ष 2025 26 का आईटीआर दाखिल करने का अंतिम समय बढ़कर 21 नवंबर 2026 कर दिया गया है। यह खास टैक्स पेयर के लिए है आम लोगों के लिए नहीं है। टैक्स ऑडिट के नियमों को अनिवार्य रूप से मनाना होता है।उनके लिए यह है।
चलिए बात कर लेते हैं एलपीजी सिलेंडर की सेल्फी एलपीजी सिलेंडर की जो कीमत है वह तेल कंपनियों के द्वारा तय की जाती है सामान्य रूप से एक तारीख को मूल्य की समीक्षा की जाती है। दाम घटाना है बढ़ाना है। यह जरूरी नहीं की एक ही तारीख को हो लेकिन समीक्षा होती है।बाजार में मुद्रा विचलन और जरूर को ध्यान में रखते हुए बैंक फिक्स्ड डिपॉजिट की दर में आवश्यक बदलाव कर सकते हैं।यह कोई अनिवार्य तथ्य नहीं है।फिर भी इसे जानना चाहिए बैंक हो सकता है कि एचडी की दर में बदलाव करे तो इन बदलाव से आप वाकिफ हो गए हैं अपने हिसाब से चीजों को समझना चाहिए और जो जरूरी होता है वह कीजिए।

