पटना : यह महत्वपूर्ण समाचार है। नदियों से गाद निकालने का काम होगा। बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने इस संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी दी है। नदियों में गाद भरने से इसकी पेटी बढ़ जाती है। नदी में गाद उसकी गहराई को कम कर देता है। इस कारण जल भरण की क्षमता छितरा जाती है। बाढ़ के कारण नदी में गाद यानी कचड़ा जमा होता चला जाता है। यही कारण है कि बारिश के मौसम में नदी का जल भरण क्षेत्र दोनों किनारे पर फैल जाता है। नदी के पेट में कचरा जमा हो जाता है। इसकी गहराई कम हो जाती है।
भारत सरकार के केंदीय भूतल परिवहन मंत्रालय और बिहार सरकार के बीच MOU हुआ है।
नदी की पेटी से गाद निकाले जाने से इसकी जल भराव क्षमता बढ़ जाएगी। इसका परिणाम यह होगा कि आगे बारिश के समय कटाव की स्थिति पर नियंत्रण होगा। इससे जानमाल की क्षति होती है। इस बार भी बाढ़ में काफी नुकसान हुआ है।
बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को इससे जुड़ी जानकारी दी। नीतीश कुमार हमेशा से गाद निकालने पर जोर दिया है। इस संबंध में केंद्र सरकार से हुए करार की पूरी जानकारी दी।इस पूरे प्रकरण में तेजी से काम होगा।

