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देवेंद्र महतो ने कहा मेरी जान वतन के लिए है, कुर्बानी मंजूर है। हम जाएंगे ही।

Rajesh Kumar

Rajesh Kumar

Aug 15, 2026 · 2:50 PM
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देवेंद्र महतो ने कहा मेरी जान वतन के लिए है, कुर्बानी मंजूर है। हम जाएंगे ही।
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रांची; जैसा की हमलोग जानते है पिछले 20 दिनों से छात्रों का चल रही आंदोलन लगातार जारी है। JPSC और JSCC में कथित घोटाले को सामने लाने और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। छात्र अपनी मांगों को लेकर लगातार डटे हुए हैं और सरकार से इस मामले में जवाब मांग रहे हैं। आज स्वतंत्रा दिवस के शुभ अवसर पे छात्रों के बीच तिरंगा यात्रा का माहौल देखने को मिला। और इसी बीच लगातार अनशन कर रहे देवेंद्र नाथ महतो भी छात्रों के बीच जाने से खुद को रोक नहीं पाए। देश के प्रति उनका प्यार और तिरंगे के प्रति सम्मान उन्हें छात्रों के बीच जाने के लिए लगातार खींच रहा था।इसी क्रम में उनके साथ धक्का मुक्की भी हुई. पुलिस ने उन्हें रोकने की पूरी कोशिश की और समझाया भी कि फिलहाल आगे नहीं जाएं।

पुलिस ने अपनी तरफ से उन्हें समझाने की पूरी कोशिश की, लेकिन देवेंद्र नाथ महतो रुकने के लिए तैयार नहीं हुए। उनका कहना था कि जो होगा, वह देख लेंगे, लेकिन तिरंगा यात्रा में शामिल छात्रों के बीच जाने से खुद को नहीं रोक सकते। और वो पुलिस से साफ कहे कि अगर उन्हें भेजना है तो भेज दीजिए, आगे जो होगा वह खुद देख लेंगे। उनके लिए इस समय सबसे जरूरी छात्रों के बीच जाकर तिरंगा यात्रा में शामिल होना था। छात्रों के बीच देशभक्ति का माहौल बना हुआ था और हाथों में तिरंगा लेकर छात्र आगे बढ़ रहे थे। इसी माहौल ने देवेंद्र नाथ महतो को भी अपनी ओर खींच लिया। पुलिस के रोकने और समझाने के बावजूद उनके कदम रुक नहीं रहे थे। देवेंद्र नाथ महतो का कहना था कि तिरंगा सिर्फ एक झंडा नहीं, बल्कि देश के सम्मान और गर्व की पहचान है। इसी भावना के चलते वह छात्रों के बीच जाना चाहते थे। आखिरकार, उनका उत्साह और देश के प्रति प्यार साफ तौर पर नजर आया।

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