रांची/नई दिल्ली: झारखंड भाजपा के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद डॉ प्रदीप कुमार वर्मा ने विधानसभा के गेट पर रात के अंधेरे में निहत्थे छात्रों पर लाठीचार्ज की निंदा की उन्होंने यह भी कहा कि हेमंत सरकार का चरित्र साफ हो गया है। यह बुजदिली का जीता जगता उदाहरण है।
जेपीएससी और जेएसएससी भर्ती घोटाला की CBI जांच की मांग को लेकर झारखंड के हजारों छात्र विधानसभा का शांतिपूर्ण घेराव करने आए थे। बेहतर होता कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन उनकी बात सुनते। पर, उन्हें इसके लिए समय नहीं है। प्रदीप वर्मा ने आगे कहा कि यही युवा जिनके शरीर से लहू निकला है। जो घायल हुए हैं, वे जवाब देंगे। इसका वे हिसाब – किताब करेंगे।
दिन में भी शांतिपूर्ण घेराव करने वाले छात्रों पर लाठीचार्ज किया गया। आंसू गैस के गोले दागे गए। इस पुलिसिया कार्रवाई में कई छात्र घायल हो गए।यह दर्शाता है कि हेमंत सोरेन कांग्रेस की ताक़त की बदौलत अपना परिचय रक्तरंजित बना ली है। प्रदीप वर्मा ने भाजपा नेताओं को कथित रूप से नजरबंद किए जाने की घोर निंदा की। उन्होंने पत्रकार के ऊपर केस दर्ज करने की कार्रवाई को कायरतापूर्ण बताया।
उन्होंने कहा कि CBI जांच से भाग रही झारखंड सरकार JPSC और JSSC के पाप को ढकना चाहती है।CID के द्वारा जेपीएससी के पूर्व चेयरमैन को गिरफ्तार करना यह महज़ दिखावा है। उन्होंने आरोप लगाया कि CID उनकी एजेंसी है और उनके हिसाब से काम करती है। असली नियुक्ति माफिया तो कोई और है। राज्यसभा सांसद प्रदीप वर्मा ने छात्र आंदोलन का ज़बरन दमन करने और छात्रों के भविष्य को कथित आरोप के लिए इस्तीफे की मांग की

