
रांची में JPSC और JSSC की विभिन्न मांगों को लेकर सोमवार को छात्रों का आक्रोश सड़कों पर दिखाई दिया। बड़ी संख्या में छात्र विधानसभा घेराव के लिए निकले। प्रदर्शनकारियों की मांग थी कि प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़े मुद्दों पर सरकार गंभीरता से संज्ञान ले और अभ्यर्थियों की समस्याओं का समाधान किया जाए। देखते ही देखते प्रदर्शन में छात्रों की भारी भीड़ जुट गई।
छात्रों के विधानसभा घेराव को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए थे। विधानसभा की ओर जाने वाले रास्तों पर बैरिकेडिंग की गई थी और बड़ी संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई थी। प्रशासन की कोशिश थी कि प्रदर्शनकारी विधानसभा परिसर के आसपास तक नहीं पहुंच सकें।
प्रदर्शन के दौरान छात्रों और पुलिस के बीच कई जगहों पर टकराव की स्थिति बनी। छात्रों को आगे बढ़ने से रोकने के लिए पुलिस ने बैरिकेडिंग का इस्तेमाल किया। जब प्रदर्शनकारी आगे बढ़ने की कोशिश करने लगे तो स्थिति तनावपूर्ण हो गई। इसके बाद पुलिस की ओर से आंसू गैस के गोले छोड़े गए और भीड़ को नियंत्रित करने के लिए वाटर कैनन का भी इस्तेमाल किया गया।
हालात बिगड़ने पर पुलिस ने लाठीचार्ज भी किया। इस दौरान कई छात्रों के घायल होने की बात सामने आई है। प्रदर्शन स्थल पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया और छात्र इधर-उधर भागते नजर आए। बड़ी संख्या में छात्र मौजूद होने के कारण प्रशासन को भीड़ नियंत्रित करने में काफी मशक्कत करनी पड़ी।
छात्रों का कहना है कि वे अपनी मांगों को लेकर शांतिपूर्ण तरीके से सरकार तक अपनी बात पहुंचाना चाहते थे। उनका आरोप है कि लगातार बैठक और बातचीत के बावजूद उनकी समस्याओं का ठोस समाधान नहीं हुआ। इसी वजह से छात्रों ने विधानसभा घेराव का फैसला लिया।
वहीं, प्रशासन की ओर से सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पहले से ही तैयारी की गई थी। बड़ी संख्या में पुलिस और सुरक्षा बल के जवान मौके पर तैनात रहे। विधानसभा की ओर जाने वाले मार्गों पर सुरक्षा बढ़ाई गई थी।
JPSC और JSSC की मांगों को लेकर हुए इस प्रदर्शन ने एक बार फिर प्रतियोगी परीक्षाओं और अभ्यर्थियों से जुड़े मुद्दों को चर्चा के केंद्र में ला दिया है। अब सवाल यह है कि क्या सरकार छात्रों की मांगों पर कोई ठोस फैसला लेगी या फिर आंदोलन आगे भी जारी रहेगा?

