पश्चिम बंगाल की राजनीति से रविवार सुबह एक बेहद चौंकाने वाली खबर सामने आई। तृणमूल कांग्रेस (TMC) के वरिष्ठ नेता और विधानसभा के पूर्व डिप्टी स्पीकर आशीष बनर्जी का शव बीरभूम के रामपुरहाट स्थित पार्टी कार्यालय में फंदे से लटका मिला। और ये खबर राजनीति गलियारों में हलचल मचा दी है। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी हैं।
आशीष बनर्जी करीब 25 साल तक रामपुरहाट विधानसभा सीट से विधायक रह चुके है। वे ममता बनर्जी सरकार में स्कूल शिक्षा और कृषि जैसे महत्वपूर्ण विभागों की जिम्मेदारी भी संभाल चुके थे।
कथित सुसाइड नोट में क्या लिखा?
पुलिस को वहां पहुँचते ही एक पेज का कथित सुसाइड नोट मिला है। इसमें उन्होंने अपनी मौत के लिए किसी अन्य व्यक्ति को जिम्मेदार नहीं ठहराया है। बल्कि नोट में राजनीति में आने के फैसले पर अफसोस जताने के साथ-साथ भ्रष्टाचार से जुड़े आरोपों से भी इनकार किया गया है।
कथित नोट में उन्होंने तारापीठ-रामपुरहाट डेवलपमेंट अथॉरिटी (TRDA) से जुड़े टेंडर, चेक और अन्य प्रशासनिक फैसलों में किसी तरह की भूमिका से इनकार किया। साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि उन्हें साजिश के तहत बदनाम किया गया और उनकी छवि खराब करने की कोशिश हुई।
चुनावी हार के बाद राजनीति से हुए दूर
2026 के विधानसभा चुनाव में आशीष बनर्जी को रामपुरहाट सीट पर बीजेपी के ध्रुव साहा से 24 हजार से ज्यादा वोटों से हार मिली थी। इसके बाद वे राजनीतिक गतिविधियों से काफी दूर हो गए थे। जून 2026 में उन्होंने TMC की बीरभूम जिला कोर कमेटी के चेयरमैन पद से भी इस्तीफा दे दिया था।
- अभी फिलहाल पुलिस कथित सुसाइड नोट की हैंडराइटिंग और घटना से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रही है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आते ही उनकी मौत का कारण साफ़ हो जाएगी। जांच के बाद ही मौत की परिस्थितियों को लेकर तस्वीर पूरी तरह साफ हो पाएगी
जांच के बाद ही मौत की परिस्थितियों को लेकर तस्वीर पूरी तरह साफ हो पाएगी।

