रांची : झारखंड के प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थान सरला बिरला विश्वविद्यालय में इंडक्शन प्रोग्राम का आयोजन हुआ। इस कार्यक्रम का अपना महत्व है। विश्वविद्यालय की प्रतिष्ठा, पहचान और संस्कार से सभी को अवगत कराया गया।
सरला बिरला विश्वविद्यालय (SBU) में अकादमिक वर्ष 2026-27 के नए विद्यार्थियों के लिए इंडक्शन कार्यक्रम दीक्षारंभ -2026 का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के पदाधिकारियों ने विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों का स्वागत करते हुए उन्हें विश्वविद्यालय की शैक्षणिक व्यवस्था, अनुशासन, प्रशिक्षण एवं प्लेसमेंट की जानकारी दी। इस दौरान विद्यार्थियों को बेहतर भविष्य के निर्माण के लिए प्रेरित किया गया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि एसबीयू के प्रतिकुलाधिपति बिजय कुमार दलान ने कहा कि सरला बिरला विश्वविद्यालय विद्यार्थियों को केवल योग्य पेशेवर ही नहीं, बल्कि जिम्मेदार नागरिक और बेहतर इंसान बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।
उन्होंने कहा कि बिरला समूह की शिक्षा परंपरा नवाचार, सामाजिक उत्तरदायित्व और उत्कृष्टता पर आधारित है तथा विद्यार्थियों को इस विरासत को आगे बढ़ाने के लिए निरंतर प्रयास करना चाहिए।
सरला बिरला विश्वविद्यालय के कुलसचिव प्रो. एस. बी. डांडिन ने विद्यार्थियों एवं अभिभावकों का स्वागत करते हुए कहा कि एसबीयू विद्यार्थियों को केवल अच्छी शिक्षा और बेहतर सीजीपीए ही नहीं, बल्कि जीवन में सफल बनने के लिए आवश्यक संस्कार और चरित्र निर्माण भी प्रदान करता है। उन्होंने विद्यार्थियों से अपने लक्ष्य के प्रति समर्पित रहने का आह्वान किया। कुलपति प्रो. सी. जगनाथन ने कहा कि वर्तमान समय तकनीकी प्रगति का स्वर्णिम दौर है। आज दुनिया तेजी से बदल रही है और नई पीढ़ी के सामने असीम अवसर हैं। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय केवल पढ़ाई का स्थान नहीं, बल्कि व्यक्तित्व और चरित्र निर्माण का केंद्र है। उन्होंने विद्यार्थियों से बड़े सपने देखने, मेहनत और अनुशासन के साथ उन्हें पूरा करने का आग्रह किया तथा अभिभावकों को विश्वास दिलाया कि उनके बच्चे सुरक्षित और सक्षम वातावरण में शिक्षा प्राप्त करेंगे। माननीय
महानिदेशक प्रो. गोपाल पाठक ने कहा कि विद्यार्थियों के भविष्य निर्माण में शिक्षकों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। उन्होंने कहा कि सरला बिरला विश्वविद्यालय अनुशासन और संस्कार को सर्वोच्च प्राथमिकता देता है। केवल डिग्री या प्रमाणपत्र ही सफलता की पहचान नहीं हैं, बल्कि अच्छा चरित्र भी उतना ही आवश्यक है। उन्होंने विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा पहचानने, उद्यमी बनने तथा रोजगार पाने के साथ-साथ रोजगार देने वाला बनने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने विश्वविद्यालय के अंतरराष्ट्रीय सहयोगों की भी जानकारी दी।
कार्यक्रम के अवसर पर “मंथन – एसबीयू जर्नल ऑफ कॉमर्स, मैनेजमेंट एंड ह्यूमैनिटीज” तथा “एआई होराइजन” पुस्तक का लोकार्पण भी किया गया। इस अवसर पर झारखंड के पूर्व पुलिस महानिदेशक अनुराग गुप्ता ने साइबर अपराध और साइबर सुरक्षा पर व्याख्यान दिया। उन्होंने डिजिटल सुरक्षा, साइबर ठगी से बचाव तथा इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों के महत्व पर विस्तार से जानकारी दी। जिंदल स्टील लिमिटेड के पूर्व उपमहाप्रबंधक एवं मुख्य क्यूरेटर श्री राजीव गुप्ता ने विद्यार्थियों को जीवन में पढ़ने, लिखने, सुनने और बोलने की आदत विकसित करने तथा बिना परिणाम की चिंता किए निरंतर प्रयास करते रहने के लिए प्रेरित किया।
इस कार्यक्रम के दौरान डॉ. अतुल कर्ण ने प्रबंधन संकाय, प्रो. (डॉ.) संदीप कुमार ने वाणिज्य संकाय, प्रो. राहुल वत्स ने परीक्षा प्रणाली, श्री हरि बाबू शुक्ला ने प्रशिक्षण एवं प्लेसमेंट तथा डॉ. बिस्वरूप सामंत ने छात्र कल्याण विभाग की गतिविधियों की जानकारी विद्यार्थियों को दी।
इस मौके पर विद्यार्थियों द्वारा आकर्षक सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किए गए। कार्यक्रम का संचालन डॉ. गगन दीप चड्ढा ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन करण प्रताप सिंह ने किया। राज्यसभा सांसद सह निदेशक प्लानिंग एंड डेवलपमेंट, एसबीयू डॉ प्रदीप कुमार वर्मा ने विवि में नए छात्रों का स्वागत करते हुए उन्हें शुभकामना संदेश प्रेषित कर उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।

