
NEET-UG 2026 परीक्षा में अनियमितताओं को लेकर देशभर में जारी छात्र आंदोलनों के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने प्रधानमंत्री को भेजे अपने त्यागपत्र में कहा कि उनका यह फैसला छात्रों के भविष्य, देश की एकता और लोकतांत्रिक व्यवस्था को ध्यान में रखकर लिया गया है। उनका कहना है कि मौजूदा हालात का फायदा कोई राष्ट्रविरोधी ताकत न उठा सके और विद्यार्थी कानूनी व राजनीतिक विवादों में उलझने के बजाय अपनी पढ़ाई और करियर पर ध्यान केंद्रित कर सकें। धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पत्र में लिखा कि पिछले कुछ दिनों की घटनाओं ने उन्हें गहराई से प्रभावित किया है। उन्होंने कहा कि युवाओं की आकांक्षाओं और लोकतांत्रिक मूल्यों का सम्मान करना उनकी प्राथमिकता रही है। इसी सोच के तहत उन्होंने नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए प्रधानमंत्री को अपना इस्तीफा सौंप दिया। पूर्व शिक्षा मंत्री ने NEET-UG 2026 परीक्षा से जुड़े घटनाक्रम का भी उल्लेख किया। उनके अनुसार, 3 मई को आयोजित परीक्षा में अनियमितताओं की जानकारी मिलते ही केंद्र सरकार ने मामले की जांच सीबीआई को सौंप दी, परीक्षा रद्द कर दी गई और 21 जून को 20 लाख से अधिक अभ्यर्थियों के लिए दोबारा परीक्षा कराई गई। इसके बाद 16 जुलाई को परिणाम घोषित किए गए। उन्होंने यह भी बताया कि भविष्य में परीक्षा को पूरी तरह कंप्यूटर आधारित (CBT) मोड में आयोजित करने का निर्णय लिया गया है ताकि पारदर्शिता और सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। धर्मेंद्र प्रधान ने आरोप लगाया कि कुछ जिम्मेदार पदों पर बैठे लोगों ने छात्रों को भ्रमित करने का प्रयास किया, जिससे स्थिति और जटिल हुई। हालांकि उन्होंने विश्वास जताया कि सरकार परीक्षा प्रणाली को और अधिक पारदर्शी बनाने के लिए आवश्यक सुधार जारी रखेगी। अपने पत्र के अंत में उन्होंने प्रधानमंत्री, मंत्रिपरिषद के सहयोगियों, अधिकारियों और कर्मचारियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि राष्ट्रसेवा उनके जीवन की सर्वोच्च प्राथमिकता रहेगी और वे आगे भी देश, युवाओं तथा शिक्षा व्यवस्था के हित में कार्य करते रहेंगे।

