रांची: झारखंड सरकार के मंत्री इरफान अंसारी ने JPSC विवाद को लेकर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की कार्यशैली की सराहना करते हुए कहा कि सरकार ने पूरे मामले में गंभीरता दिखाई है। उन्होंने दावा किया कि मुख्यमंत्री के निर्देश पर जांच एजेंसियां लगातार कार्रवाई कर रही हैं और जिन लोगों की भूमिका सामने आई है, उनके खिलाफ कानून के अनुसार सख्त कदम उठाए गए हैं।
इरफान अंसारी ने कहा कि JPSC मामले को लेकर कई तरह की बातें कही जा रही हैं, लेकिन तथ्यों को समझने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि “JPSC में पेपर लीक नहीं हुआ। जहां भी अनियमितता की शिकायत मिली, सरकार ने तत्काल कार्रवाई की।” उन्होंने बताया कि मामले में तत्कालीन चेयरमैन को जेल भेजा जा चुका है और कई अन्य आरोपी भी कानून के शिकंजे में हैं। उनका कहना था कि जांच अभी भी जारी है और जिन लोगों की संलिप्तता सामने आएगी, उनके खिलाफ भी कार्रवाई होगी।
मंत्री ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की प्रशंसा करते हुए कहा कि सरकार किसी भी दोषी को बचाने के पक्ष में नहीं है। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य पूरी पारदर्शिता के साथ जांच कराना और युवाओं का भरोसा बनाए रखना है। उनके अनुसार, राज्य सरकार ने शुरुआत से ही स्पष्ट कर दिया है कि भर्ती प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
इरफान अंसारी ने भर्ती प्रक्रिया को लेकर उठ रहे सवालों पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि यदि किसी को किसी अभ्यर्थी के चयन या किसी व्यक्ति के प्रभाव को लेकर संदेह है तो उसकी भी जांच कराई जा सकती है। उन्होंने कहा कि कानून सभी के लिए समान है और जांच के आधार पर ही कार्रवाई होगी।
उन्होंने कहा कि झारखंड सरकार युवाओं के भविष्य के साथ कोई समझौता नहीं करेगी। सरकार की प्राथमिकता पारदर्शी और निष्पक्ष भर्ती प्रक्रिया सुनिश्चित करना है, ताकि योग्य अभ्यर्थियों को उनका अधिकार मिल सके। उन्होंने भरोसा जताया कि जांच पूरी होने के बाद सच्चाई सामने आएगी और दोषियों को कानून के अनुसार सजा मिलेगी।
मंत्री इरफान अंसारी के इस बयान के बाद JPSC विवाद को लेकर राजनीतिक बयानबाजी एक बार फिर तेज हो गई है। वहीं सरकार का कहना है कि पूरे मामले की जांच कानून के दायरे में निष्पक्ष तरीके से आगे बढ़ रही है।

